नोएडा के तीन बिल्डरों के चक्कर में फंसे सैकड़ों बायर्स, खाली करना पड़ सकता है फ्लैट

नोएडा में बिल्डर बेखौफ खेल खेल रहे हैं. हालात ये हैं कि वो बिना बने मकानों में लोगों को फ्लैट दे रहे हैं. जाहिर बात है उनकी जान खतरे में होती है. इतना ही नहीं ये बिल्डर बिना कंप्लीशन के पूरा पेमेंट लेकर मकान भी दे रहे है और रजिस्ट्री भी नहीं करा रहे. रजिस्ट्री इसलिए नहीं करा सकते क्योंकि प्रोजेक्ट को कंप्लीशन सर्टिफिकेट नहीं मिला है. रजिस्ट्री नहीं कराई तो मकान में रहना गैर कानूनी हो गया. जाहिर बात है कि अब इन फ्लैट बायर्स के सिर तलवार लटक गई है और उन्हें वापस अपना फ्लैट खाली करके किराये के मकान में जाना पड़ सकता है.

अधिकारियों का कहना है कि ऐसे मामले पहले भी आए हैं. कानून का सम्मान करते हुए अगर कोई रास्ता नहीं निकलता को फ्लैट खाली कराने का ही विकल्प निकलता नहीं दिख रहा . वैसे भी इस मामले में कोई विकल्प है नहीं. क्योंकि सीसी नहीं है इसलिए रजिस्ट्री नहीं हो सकती.

हालात ये हैं कि सैक्टर 75 के एपेक्स एथेना ने तो पूरी इमारत मे 300 से ज्यादा लोगों को घुसा दिया है. पूरे पैसे भी ले लिए है. बिल्डिंग को कंप्लीशन और ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट भी नहीं मिला है. यानी लोग रजिस्ट्री भी नहीं करा सकते. जानी इन लोगों को कानूनन मकान खाली करना पड़ेगा. क्योंकि रजिस्ट्री के बगैर मकान में रहने पर ये एफआईआर हो गई है.

जिलाधिकारी की ओर से नोएडा के तीन बिल्डरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए गए हैं. बिना रजिस्ट्री कराए फ्लैट पर कब्जा दिए जाने की वजह से रजिस्ट्री विभाग को राजस्व का नुकसान हो रहा है. रजिस्ट्री विभाग की ओर से इन तीनों बिल्डरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी.

एआईजी स्टांप एसके सिंह ने बताया कि सेक्टर- 119 के प्लॉट नंबर-जीएच 002, आईवीआरसीएल इंफ्रा स्ट्रक्चर एंड प्रॉजेक्ट लिमिटेड, सेक्टर-75 के प्लॉट नंबर-जीएच-12ए स्थित एपेक्स ड्रीम होम्स प्राइवेट लिमिटेड और सेक्टर-78 प्लॉट नंबर-जीएच 01 सी स्थित जीएस प्रमोटर्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का आदेश जिलाधिकारी ने रजिस्ट्री विभाग को दिया है. आईवीआरसीएल ने 15 से 20 फ्लैट खरीदारों को अपने प्रॉजेक्ट में बिना रजिस्ट्री के कब्जा दिया है.

यह उपनिबंधक (प्रथम) के क्षेत्र में आएगा. इसी तरह से एपेक्स ड्रीम ने उप निबंधक द्वितीय के क्षेत्र में बने अपने प्रोजेक्ट में बिना रजिस्ट्री के 250 फ्लैट खरीदारों को मकानों पर कब्जा दिया है. वहीं जीएस प्रमोटर्स ने उप निबंधक द्वितीय के क्षेत्र में बने अपने जीएस प्रमोटर्स में 350 लोगों को बिना रजिस्ट्री के कब्जा दिया है.

एआईअी स्टांप का कहना है कि बिना रजिस्ट्री के फ्लैट खरीदारों को कब्जा दिलाने की वजह से रजिस्ट्री विभाग को राजस्व की हानि हो रही है. इससे पहले 24 बिल्डरों के खिलाफ इसी मामले में एफआईआर दर्ज कराई गई है. इनमें से 5 से 6 बिल्डरों ने अपने फ्लैट खरीदारों की रजिस्ट्री कराई है.

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