अयोध्या में अर्मी लगाने की मांग, 1992 वाले हालात, कट्टरपंथी हिंदुओं का जमावड़ा,

मंदिर निर्माण सही है या नहीं ये अलग मामला है और सुप्रीम कोर्ट इसे सुलझा रही है लेकिन चुनाव आते ही अदालत के विचाराधीन मामले पर खुल्ली बयानबाज़ी और राजनीति शुरू हो गई है. अयोध्या में फिर 1992 वाले हालात हैं और बड़ी संख्या में  उग्र हिंदू वादी वहां इकट्ठे हो रहे हैं. हालात इतने संजीदा है कि यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अयोध्या में आर्मी लगाने की मांग तक कर दी है.

दरअसल अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए विश्व हिंदू परिषद रविवार को धर्मसभा का आयोजन करने जा रही है. वहीं शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे भी शनिवार को अयोध्या पहुंच रहे हैं. बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की उपस्थिति को देखते हुए भारी तादात में सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है. इससे रामनगरी का माहौल गरमा गया है. अयोध्या में एक बार फिर 1992 जैसे हालात बनते दिख रहे हैं. अयोध्या मामले के पैरोकार इकबाल अंसारी ने कहा है कि भीड़ जमा होने से अयोध्या में भय का माहौल है.

उद्धव ठाकरे शिवाजी के जन्मस्थान की मिट्टी लेकर शनिवार (24 नवंबर) दोपहर 2 बजे अयोध्या पहुंच रहे हैं. उद्धव के पहुंचने के पहले बड़ी तादाद में शिवसेना कार्यकर्ता अयोध्या में जुटना शुरू हो चुके हैं. विश्व हिंदू परिषद ने भी अपने सभी लोगों से अयोध्या पहुंचने की अपील की है, जहां एक बड़े सम्मेलन के ज़रिए वो सरकार पर संसद के ज़रिए मंदिर बनाने का रास्ता खोलने का दबाव बनाने की तैयारी में है.

किले में तब्दील अयोध्या

वहीं इलाके में माहौल ना बिगड़े इसके लिए प्रशासन भी मुस्तैदी का नाटक कर रहा है. पहले इतने तनाव पूर्ण आयोजन को अनुमति दे दी अब पीएमसी की 48 कंपनी, आरएफ की 9 कंपनी, 30 एसपी, 350 उपनिरीक्षक, 175 हेड कॉन्स्टेबल, 1350 कॉन्स्टेबल, निगरानी के लिए 2 ड्रोन लगाए गए हैं. प्रशासन ने कस्बे को 7 जोन और 15 सेक्टरों में बांटा है. वहीं इलाके के लोग जरूरी सामान खरीदकर पहले से ही घर में रख रहे हैं. इलाके के लोगों को डर है कि कहीं 1992 जैसी घटना ना हो.

शिवसेना के नेता संजय राउत ने एक बड़ा बयान देकर सरगर्मियां तेज कर दी हैं. शिवसेना के सांसद संजय राउत ने कहा कि हमने 17 मिनट में बाबरी तोड़ दी तो कानून बनाने में कितना टाइम लगता है? राष्ट्रपति भवन से लेकर यूपी तक बीजेपी की सरकार है. राज्यसभा में ऐसे बहुत सांसद हैं, जो राम मंदिर के साथ खड़े रहेंगे. जो विरोध करेगा, उसका देश में घूमना मुश्किल होगा.’

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने कहा है कि राम मंदिर मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है और बीजेपी को ना तो सुप्रीम कोर्ट और ना ही संविधान में विश्वास है और वह अपने हित के लिए किसी भी हद तक जा सकती है. उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट इसका ध्यान रखे और जरूरत हो तो अयोध्या में सेना की भी तैनाती की जाए. वहीं अखिलेश के इस बयान पर रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि मुझे नहीं लगता है कि वहां पर सेना की तैनाती की जरूरत है.

उद्धव ठाकरे राम मंदिर निर्माण की हुंकार भरने के लिए शनिवार को दो दिनों के दौरे पर अयोध्या पहुंच रहे हैं. वो अयोध्या में पुजारियों और साधु-संतों के साथ बैठक भी करेंगे. ‘हर हिंदू की यही पुकार पहले मंदिर फिर सरकार’ यह नारा उद्धव ठाकरे ने अपने अयोध्या दौरे के पहले दिया था. उनका कहना है कि बीजेपी के लिए 15 लाख रुपए हर शख्स के खाते में डालने जैसा जुमला राम मंदिर भी है. लेकिन अब ऐसा नहीं होगा. जब तक राम मंदिर नहीं बनेगा तब तक सरकार भी नहीं बनेगी.

उद्धव ठाकरे अयोध्या में रामलला के दर्शन करने के साथ ही सरयू तट पर पूजा- अर्चना भी करेंगे. इसके बाद वो साधु-संतों के साथ चर्चा करेंगे. उद्धव का कहना है कि लोकसभा चुनाव के पहले राम मंदिर के निर्माण का रास्ता साफ हो जाना चाहिए.

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