सावधान: ये मैसेज देशभक्ति वाले नहीं देशद्रोह के हैं, फॉरवर्ड करने से पहले इसे पढ़ लें

सोशल मीडिया पर जोश में होश खोना आम है. खास तौर पर जब मामला भारत पाकिस्तान का हो और सीमा पर तनाव के हालत हों. लेकिन याद रखें देश भक्ति के चक्कर में आप कहीं देश द्रोह का काम न कर दें.  देश में तनाव फैलाने वाले कई लोग ऐसे मौके पर सक्रिय हो जाते हैं और ये लोग खुद भी नहीं जानते कि वो देश हित की जगह देशद्रोह की बातें कर रहे हैं. देश का साथ देने के बजाय आप देश में मुसीबतें खड़ी कर रहे हैं.

जब फौज बॉर्डर पर लड़ रही होती है तो देश की नागरिकों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है. उन्हें देश में प्रशासन और सरकार को सहयोग करना होता है. ऐसा आचरण करना पड़ता है जो कि सरकार का काम न बढ़ाएं.

हम आपको कुछ चीज़ें बताएंगे जो सोशल  मीडिया पर फैलाई जा रही हैं और ये भी कि इससे देश को क्या नुकसान होगा. पहले एक सोशल मीडिया मैसेज लेते हैं. ये मैसेज दिखने में बेहद नया लगता है. दस विंदुओं के एक मैसेज में पहला बिंदु है

दुष्प्रचार – घर में एक महीने का ज़रूरी सामान रख लें.

साजिश – अगर सभी लोग सामान खरीदकर घर में रखना शुरू कर देंगे तो अफरा तफरी शुरू हो जाएगी. जाहिर बात है व्यापारी भी जमाखोरी शुरू कर देंगे इससे देश में सामान की किल्लत शुरू हो जाएगी और प्रशासन को इसके लिए अपने दुश्मन से निपटने के ज़्यादा ज़रूरी काम को छोड़कर इसे रोकने में लगना पड़ेगा. जाहिर बात है इससे देश में अफरातफरी फैलेगी और आप अनजाने में देश विरोधी कार्रवाइयों का शिकार हो जाएंगे.

दुष्प्रचार – दवाओं का स्टॉक तैयार रखें.

साजिश – दवाओं की जमाखोरी का मतलब है किल्लत. आखिरकार किसी भी कंपनी की दवा बनाने की एक क्षमता होती है. वो अचानक मांग दुगुनी होने पर अतिरिक्त प्लांट तो लगाएगी नहीं. इसका नतीजा होगा कि देश में लोग दवा की किल्लत झेलेंगे और आवश्यक दवाओं की कमी के कारण कुछ मरीजों के प्राण भी जा सकते हैं. जाहिर बात है ये कोई देश द्रोही ही करना चाहेगा.

दुष्प्रचार- बेबीफूड इकट्ठा कर लें.

साजिश- कल्पना कीजिए साजिश में आपके बच्चों को शामिल करके आपको कितना आसानी से डराया जा सकता है. डराने का मतलब भी यही है कि देश का मनोबल कमज़ोर हो और आप जैसे लोग अनचाहे इस साजिश में देशद्रोही की तरह व्यवहार करेंगे और देश को कमज़ोर करने में जुट जाएंगे.

दुष्प्रचार- युद्ध का कभी एलान नहीं होता . वो कभी भी आ सकता है.

साजिश- देश कांपता रहे, आशंकित रहे, पैनिक में रहे. अफरातफरी मच जाए. जानी जो काम आपके इलाके में कोई बम नहीं कर सकता वो आसानी से किया जा रहा है. जाहिर बात है कि ऐसे मैसेज फॉरवर्ड करके आप भी देश के दुश्मनों का काम आसान करते हैं.

दुष्प्रचार- शांत रहें लेकिन सावधान रहें. युद्ध रात को भी शुरू हो सकता है.

साजिश- आपको कहा तो शांत रहने को जा  रहा है लेकिन मनोवैज्ञानिक संदेश है कि हालात सामान्य नहीं हैं. सावधान रहें. घबड़ाए रहे आपका मनोबल हिला रहे. सबसे ऊपर रात को भी न सोएं क्योंकि ज्यादातर युद्ध रात को होते हैं. सोचिए ये लोग आपका क्या हाल करना चाहते हैं. और देश के कितने सच्चे हितैषी हैं.

दुष्प्रचार- सबसे बड़ी साजिश. आप अपने घर में कैश रखें.

साजिश- जब सब बैंकों से कैश निकालकर घर में रखना शुरू कर देंगे तो आप सोच सकते हैं कि बैंकिंग सिस्टम का क्या हाल होगा. अगर पैसे आपके पड़ोस के एटीएम में हैं तो सबके काम के हैं लेकिन अगर सभी लोग कैश निकाल लेंगे तो न तो एटीएम में कुछ बचेगा न बैंक में . यानी देश के बैंकिंग सिस्टम का हिल जाना.

जाहिर बात है ये साजिश है बड़ी साजिश है. देश के दुश्मन देश के हालात से खेल रहे हैं. आपसे ही आपके देश के खिलाफ काम करवाए जा रहे हैं. आप अनचाहे उनका शिकार बन रहे हैं इसलिए सावधान रहें और सामान्य रहें. जबतक कोई  हिदायत सरकार की तरफ से नहीं आती उसे अफवाह ही समझें. अफवाह फैलाने वाले सिर्फ आम नागरिकों को ही निशाना नहीं बनाते वो सैनिक परिवारों को भी डराते धमकाते हैं.

इसी तरह सैनिक परिवारों के बीच में मनोवैज्ञानिक भय पैदा करने के लिए तरह तरह के मैसेज फॉरवर्ड किए जा रहे हैं.

मैसेज -1 अपने सैनिक की पत्नी होने की जानकारी अपने सोशल मीडिया हैंडल से हटा दें. और तो और अपने बायोडेटा से भी ये जानकारी निकाल दें. अपने रिश्तेदार और संबंधियों को के सैनिक रिश्तेदारों के फोटो सोशल मीडिया पर ना डालें.  

साजिश – ये एक सैनिक से रिश्ता होने के गौरव को डर में बदलने की कोशिश है. मैसेज लिखने वाला चाहता है कि आप फौजी से रिश्तों को नकार दें. आप कल्पना कीजिए कि एक फौजी पर क्या बीतेगी कि उसकी पत्नी उससे रिश्ता छिपा रही है क्योंकि वो युद्ध से डरती है.

मैसेज-2 अपने दोस्तों और परिवारों वालों से कहे कि अपने सैनिक रिश्तेदारों और उनके नंबर बगैरह के बारे में अजनबियों को न बताएं.

साजिश – वैसे तो आप अजनबियों को क्यों किसी संबंधी के बारे में जानकारी देंगे. ऐसा तो कभी होता ही नहीं लेकिन ऐसा संदेश देकर आप एक सैनिक के परिवार के सदस्यों और रिश्तेदारों को डराना क्यों चाहते हैं. क्यों चाहते हैं कि वो या तो सकपका जाएं या अफरातफरी और हबड़तबड़ में आ जाएं.

मैसेज -3 अपने आइडेंटिटी कार्ड अपने साथ रखें और अपने मेहमानों को गेट पर सहयोग करने को कहें. अपने बच्चों को कहें कि वो अपने पिता के फौजी होने या अन्य चीज़ों के बारे में रिश्तेदारों को न बताएं.  ये भी न बताएं कि वो कहां पोस्टेड हैं.

साजिश – देश के लोगों को डराने की कोशिश. इससे अप्रत्यक्ष रूप से ये संदेश जाता है कि पाकिस्तान के लोग या दुश्मन के लोग भारत में आराम से घूम रहे हैं और वो आपको आसानी से निशाना बना सकते हैं. इससे सा लगता है कि हर तरफ माहौल में खतरा है और दुश्मन आसानी से आपको निशाना बना सकता है.

मैसेज-4 अनजान लोगों की फ्रेंड्स रिक्वेस्ट स्वीकार न करें. हो सकता है वो आपके ज़रिए जासूसी करने लगें.

साजिश- ये आम है अनजान लोगों की दोस्ती स्वीकर न करें. जाहिर बात है अगर आप ऐसा करते भी हैं तो किसी को भी अपने बारे में जानकारियां तो देने नहीं लगेंगे लेकिन आपके दिमाग में एक खौफ तो बैठता ही है कि आप को आसानी से निशाना बनाया जा सकता  है. ये दुश्मन से देश को डराने की साजिश है. ichowk पर गिरिजेश वशिष्ठ का लेख