कांग्रेस अहंकार छोड़े और ड्राइविंग सीट से हटे- तेजस्वी

पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने कहा कि कांग्रेस को उत्तर प्रदेश और बिहार में अहंकार दूर रखे और दूसरी पार्टियों को आगे लाए. राष्ट्रीय जनता दल प्रमुख लालू प्रसाद के छोटे बेटे तेजस्वी ने कहा कि विपक्षी दलों के लिए ‘‘संविधान बचाने’’ के वास्ते सबसे ज्यादा जरुरत एक साथ आने की है. उन्होंने कहा, ‘‘मेरी नजर में प्रधानमंत्री उम्मीदवार के बारे में बात प्राथमिकता नहीं है क्योंकि देश खतरे का सामना कर रहा है. संविधान, लोकतंत्र और आरक्षण खतरे में है.’’ उन्होंने अपनी बात पर बल देने के लिए यूपीए-1 सरकार का उदाहरण दिया जब मनमोहन सिंह को प्रधानमंत्री बनाने का फैसला लिया गया था.
यादव ने कहा कि विपक्ष एक साथ आ कर जीत सकता है. उन्होंने कहा कि 2019 का चुनाव गांधी-अंबेडकर-मंडल बनाम गोलवलकर-गोडसे के बीच लड़ा जाएगा. युवा नेता ने आरक्षण पर महात्मा गांधी, बी आर अंबेडकर और मंडल आयोग बनाम आरएसएस के एम एस गोलवलकर और नाथूराम गोडसे के विचारों का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘सामाजिक न्याय और धर्म निरपेक्षता में विश्वास करने वाले विपक्ष के सभी राजनीतिक दलों को अपने अहंकार तथा मतभेदों को पीछे छोड़कर संविधान बचाने के लिए एक साथ आना चाहिए.’’ उन्होंने केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार हेगड़े की टिप्प्णी का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा ‘‘आरएसएस कानून’’ लागू करना चाहती है.
गौरतलब है कि हेगड़े ने कहा था कि पार्टी संविधान बदलने के लिए सत्ता में आयी है. विपक्षी गठबंधन की जरुरत पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते कांग्रेस पर दूसरे दलों को साथ लेकर चलने की बड़ी जिम्मेदारी है. यादव ने कहा, ‘‘लेकिन कांग्रेस को यह देखना है कि वह अन्य दलों को साथ लेकर कैसे चलेगी. बिहार में हमारी (राजद) सबसे बड़ी पार्टी है तो उसे इसके अनुसार रणनीति बनानी चाहिए. उदाहरण के लिए उत्तर प्रदेश देखिए जब मायावती जी और अखिलेश जी एक साथ आए तो उसे इसके अनुसार रणनीति बनानी चाहिए.’’ उनके अनुसार कांग्रेस को अपनी रणनीति में केवल अपने हित ही नहीं बल्कि अपने सहयोगियों के हितों को भी ध्यान में रखना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उन्हें सम्मान दिया जाए.
उन्होंने कहा कि करीब 18 राज्यों में भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला है. उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में राहुल गांधी को सबसे बड़े विपक्षी दल को ‘‘ड्राइविंग सीट’’ पर बैठाना चाहिए. इस महीने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की इफ्तार पार्टी से विपक्ष के कई शीर्ष नेताओं के गैरमौजूद रहने पर विपक्षी एकता में दरार की अफवाहों को खारिज करते हुए यादव ने कहा कि यह कोई मुद्दा नहीं है. उन्होंने कहा कि वह वहां नहीं थे लेकिन राजद सांसद मनोज झा ने पार्टी का प्रतिनिधित्व किया था. उन्होंने कहा, ‘‘उसी दिन हमने बिहार में इफ्तार पार्टी का आयोजन किया था. गांधी की इफ्तार पार्टी के लिए कई नेताओं ने अपने प्रतिनिधियों को भेजा था.’’
यह पूछे जाने पर कि भाजपा के पास नरेंद्र मोदी के तौर पर प्रधानमंत्री पद का चेहरा होने का फायदा है, इस पर यादव ने दावा किया कि राजग के सहयोगी दलों के बीच दरार है और इस बात का कोई भरोसा नहीं है कि गठबंधन बरकरार रहेगा या टूट जाएगा. उन्होंने कहा, ‘‘लोगों ने चार वर्षों से मोदी जी को देखा है, उन्होंने कुछ नहीं किया. लोगों को पूछना चाहिए कि वह देश के लिए क्या कर रहे हैं. ऐसा व्यक्ति जिसने काम नहीं किया, वह कैसे प्रधानमंत्री पद का चेहरा हो सकता है. भाजपा के पास इस सवाल का जवाब नहीं है और वह मुद्दों से ध्यान भटकाती रहती है.’’ उन्होंने कहा कि देश को ऐसे प्रधानमंत्री की जरुरत है जो झूठ नहीं बोलता, जो ‘‘जुमलेबाजी’’ नहीं करता और जो वही करता है जो वह कहता है. उन्होंने मोदी सरकार की विदेश नीति पर भी निशाना साधा और कहा कि कोई ऐसा क्षेत्र नहीं है जिसमें सरकार ने अच्छा प्रदर्शन किया हो.