चैनलों में चुनावी साल में चला सर्जिकल स्ट्राइक का वीडियो, सेना पर राजनीति ?

जैसे जैसे चुनाव नज़दीक आ रहे हैं चुनावी जुमले, बातें फिर से ज़िंदा होने लगी हैं. न्यूज़ चैनलों को एक वीडियो फुटेज (ऐलानिया नहीं क्योंकि ऐसा करने पर सरकार को उस फुटेज की सत्यता साबित करनी पड़ती) दिया गया है.

ये फुटेज चैनल सर्जिकल स्ट्राइक का वीडियो कहकर दिखा रहे हैं लेकिन ये अधिकारिक स्रोतों से मिला है. मतलब ये कि वीडियो सही निकले तो सरकार की वाह वाह गलत निकले तो मीडिया की थू . यानी सरकार तालियां भी बजवा रही है और सबूत देने के नाम पर मुंह छिपा रही है.

पाक अधिकृत कश्मीर (POK) में आतंकियों के ठिकानों को सर्जिकल स्ट्राइक के जरिए खत्म करने के भारत के दावे के करीब दो साल बाद ऑपरेशन का वीडियो सामने आया है. सर्जिकल स्ट्राइक सितंबर 2016 में की गई थी. सर्जिकल स्ट्राइक के वीडियो बुधवार (27 जून, 2018) शाम कुछ न्यूज चैलनों पर प्रसारित किए हैं.

वीडियो में दिखाया गया है कि सेना ने आंतकियों के बंकरों को तबाह करने के अलावा कुछ को मौत के घाट भी उतार दिया. वीडियो को लेकर टीवी चैनलों का दावा है, जिसे उन्होंने ऑफिशियल सोर्स से हासिल किया है, इसे मानव रहित ड्रोन से बनाया गया था. ड्रोन में थर्मल इमेजिंग (TI) कैमरों का इस्तेमाल किया गया. जिनके जरिए आर्मी आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन को अंजाम दे रही थी.