VHP के इशारे पर मेडिकल छात्रा को पीटने वाले पुलिसियों के इनाम, मिली वीआईपी पोस्टिंग

यूपी में पुलिस के हौसले ऐसे बढ़ते हैं. ऐसे वो उनके अंदर हिम्मत आती है कि विवेक तिवारी जैसे सख्श को गोली मार दें. हाल में मेरठ में लव जिहाद के नाम पर एक मेडिकल छात्रा से मारपीट और बदसलूकी का वीडियो सामने आया था. लव जेहाद के नाम पर पुलिस वालों ने एक लड़की से बदतमीजी की थी. इन पुलिस वालों के खिलाफ जांच चल ही रही है कि उनका दबादला वीआईपी जिले में कर दिया गया है. यानी वो अब सीएम योगी आदित्यनाथ के इलाके में ‘ड्यूटी’ करेंगे.

इन चार में से तीन पुलिसकर्मियों को वीआइपी जिले में तबादला मिला है. मेरठ पुलिस का कहना है कि निष्पक्ष जांच के लिए उनका यहां से तबादला किया गया है. लेकिन पुलिसवालों के वीआईपी ज़िले में तबादले को लेकर सवाल उठ रहे हैं. इस मामले में मुकदमा दर्ज होने के बाद किसी की गिरफ्तारी भी नहीं हुई.

बीदे दिनों मेरठ मेडिकल कॉलेज में पढ़ने वाले एक छात्र और छात्रा के साथ ‘लव जिहाद’ के नाम पर बदसलूकी और मारपीट की घटना सामने आई थी. कुछ लोगों ने घर में पढ़ाई कर रहे छात्र-छात्रा के साथ मारपीट करने के बाद पुलिस के हवाले कर दिया था.

पुलिस ने भी शाम तक दोनों को थाने बिठाए रखा.  छात्र-छात्रा से मारपीट करने वालों ने थाने में भी घुसकर हंगामा किया और पुलिसवालों को धमकाया. बाद में पुलिस ने छात्रा को उसके घरवालों के हवाले कर दिया और छात्र को भी छोड़ दिया.  मामले का वीडियो सामने आया और योगी सरकार की नेशनल टीवी पर जमकर थूथू हुई. इसके बाद कांस्टेबल, एक हेड कांस्टेबल और होमगार्ड के एक जवान को निलंबित कर दिया गया था. वायरल वीडियो में महिला सिपाही लड़की की पिटाई करती नजर आ रही थी.

रविवार को हुई इस घटना के संबंध में मेडिकल थाना पुलिस ने कहा था कि छात्र किठौर और छात्रा हापुड़ की रहने वाली है. छात्र जागृति विहार में किराये के कमरे में रहता है जबकि छात्रा मेडिकल कॉलेज के छात्रावास में रहती है. दोनों ने पुलिस को बताया कि वे दोस्त हैं. छात्रा ने बताया कि वह अध्ययन करने के लिए अपने दोस्त के कमरे पर आई थी. दोनों पढ़ाई कर रहे थे तभी विहिप कार्यकर्ताओं ने आकर उनसे अभद्रता की.

पुलिस क्षेत्राधिकारी (सिविल लाइन) रामअर्ज के अनुसार विहिप कार्यकर्ताओं की सूचना पर पुलिस छात्र-छात्रा को थाने लायी. पुलिस द्वारा पूछताछ करने पर छात्रा ने अपनी मर्जी से कमरे पर आकर अध्ययन करने की बात कही. दोनों के परिजनों को बुलाकर उन्हें सुपुर्द कर दिया गया. परिजन भी कोई कार्रवाई नहीं चाहते थे.​

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