देश भर में चुनाव से पहले चलेगा इनकम टैक्स का डंडा,फुल सख्ती के मूड में डिपार्टमेंट

नई दिल्ली : राफेल पर घिरने के बाद सरकार के सिर पर अब एक नयी तलवार लटक गई है. केन्द्र सरकार ने अपने बजट में जितना टैक्स इकट्ठा होने का अनुमान लगाया था वो गलत निकला. सरकार अब तक उस टैक्स को वसूलने में नाकाम रही है. हालात ये है कि केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने आयकर विभाग के अधिकारियों को चाभी भरी है. बोर्ड ने कहा है कि सरकार ने बजट में जितना टैक्स आने का हिसाब दिया था उतना टैक्स वसूला जाए. अफसरों को कहा गया है कि सख्ती बढ़ाएं और जितनी ज्यादा हो सके चुन चुन कर सर्वेक्षण करें मतलब ये कि जेटली जी की जुबान को सही ठहराने के लिए देश भर में अब इनकम टैक्स सर्वे होंगे और हो सकता है रेड भी हो. इतना ही नहीं एजेंसी ने अपने अधिकारियों को अदालत में टैक्स चोरी के मामले दर्ज करने का निर्देश दिया हैं.

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सीबीडीटी के चेयरमैन सुशील चंद्रा ने आयकर विभाग के सभी प्रधान मुख्य आयुक्तों को पत्र लिखकर कर वसूली के लिए हर संभव प्रयास करने को कहा है. चालू वित्त वर्ष में अब तीन महीने बाकी रह गए हैं. बोर्ड के प्रमुख ने अपने पत्र में कहा है कि कर  की वसूली में वृद्धि केवल 1.1 प्रतिशत है. पिछले वर्ष इस तरह की वसूलियों की वृद्धि दर इसी दौरान 15.6 प्रतिशत थी.

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चंद्रा ने कहा है कि दिसंबर के अंत में टैक्स वसूली की रफ्तार 13.6 प्रतिशत की दर से बढ़ रही थी जबकि लक्ष्य 14.7 प्रतिशत है. उन्होंने लिखा है, ‘सकल वसूली की वृद्धि की स्थिति 14.1 प्रतिशत के साथ थोड़ी अच्छी है लेकियान यह बजट में 11,50,000 करोड़ रुपए की वसूली के लक्ष्य को हासिल करने की दृष्टि से अब भी कम है.’

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इसमें कहा गया है, ‘सामान्य आकलन में अधिकतर क्षेत्रों में कर वसूली वास्तव में घटी है. यह गंभीर चिंता का विषय है और वसूली को तेज करने के लिए अब अधिकतम प्रयासों की जरूरत है.’ सीबीडीटी आयकर विभाग के लिए नीति बनाती है और उसके कार्यों की निगरानी करता है. चंद्रा ने कहा है कि प्रत्यक्ष कर वसूली के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए कुछ रणनीतियों का सुझाव दिया है और उन्हें उन्हें लागू करने को कहा है.

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