युद्ध के हालात में भी नहीं जाएगी मध्यप्रदेश के अस्पतालों की बिजली

मध्यप्रदेश में अब मेडीकल कॉलेज में बिजली कभी नहीं जाएगी. ग्रिड फेल हो जाए या जनरेटर के लिए डीजल भी न मिले. यहां तक कि युद्ध के हालात में भी मध्यप्रदेश के अस्पताल चल सकेंगे. प्रदेश में 8 मेडिकल कॉलेजों में ऐसे संयंत्र लगाए गए हैं जो सौर ऊर्जा से चलेंगे और बिजली की ज़रूरत को पूरा करेंगे.

छिन्दवाड़ा, इंदौर, भोपाल, विदिशा, शिवपुरी, रतलाम, शहडोल और जबलपुर में सौर संयंत्रों की स्थापना के लिये करार सरकार ने बाकायदा करार किया है.  नवीन और नवकरणीय ऊर्जा विभाग ने रूफटॉप सोलर संयंत्र लगाने का काम शुरू किय है. ये काम रेस्को सिस्टम के माध्यम से होगा. इस पद्धत्ति में भवनों पर बिना पूंजीगत निवेश के सस्ती बिजली उपलब्ध करवाने के लिये संयंत्र स्थापित किया जाता है. इन नये संयंत्र का उद्घाटन चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. विजय लक्ष्मी साधौ और नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री हर्ष यादव की मौजूदगी में किया गया.

मंत्री डॉ. साधौ ने कहा कि नदियों में जल की उपलब्धता में कमी और थर्मल पॉवर की महंगी दरों को देखते हुए सौर ऊर्जा की उपयोगिता बढ़ गई है. इसलिये मेडिकल कॉलेजों में वर्तमान देय विद्युत दर से लगभग चौथाई कम दर पर सौर ऊर्जा हासिल करने की शुरुआत की गई है. परियोजना दो चरण में क्रियान्वित की जा रही है. प्रथम चरण में सागर, ग्वालियर और रीवा का चयन किया गया है. द्वितीय चरण में 11 मेडिकल कॉलेज लिये गये हैं. डॉ. साधौ ने कहा कि मेडिकल कॉलेज प्रबंधन और हैदराबाद के टेपसोल सोलर पॉवर वेंचर लिमिटेड द्वारा मात्र एक रूपये 63 पैसे यूनिट की दर से बिजली उपलब्ध करवाने का अनुबंध हुआ है. भविष्य में चिकित्सा शिक्षा विभाग के अन्य संस्थानों को भी इससे लाभांवित किया जायेगा.

नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री हर्ष यादव ने थोड़े से ही समय में एक साथ इतनी अधिक संख्या में मेडिकल कॉलेजों के लिये अनुबंध की प्रक्रिया पूरी करने के लिये बधाई दी. श्री यादव ने कहा कि क्लीन और ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में मध्यप्रदेश मॉडल बनकर उभर रहा है. उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेजों में सस्ती सुलभ बिजली उपलब्ध करवाने की शुरुआत से अगले 25 वर्ष में लगभग 300 करोड़ रूपये की बचत संभव होगी.

प्रमुख सचिव नवकरणीय ऊर्जा श्री मनु श्रीवास्तव ने बताया कि विश्व बैंक और इंटरनेशल सोलर अलायंस के सहयोग से मध्यप्रदेश में लागू परियोजना का अन्य राज्य अनुसरण करना चाहते हैं. सभी मेडिकल कॉलेज में संयंत्र स्थापना से पहले साल में ही 12 करोड़ की बचत हो सकेगी. संयंत्रों का रख-रखाव चयनित डेवलपर द्वारा किया जायेगा.

प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा श्री शिव शेखर शुक्ला ने कहा कि सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना में अनेक विभाग रूचि ले रहे हैं. इस कार्य की गति अब और तेज होगी.