प्रद्युम्न के पिता का बयान, हरियाणा के मंत्री नहीं चाहते थे कि सीबीआई जांच हो

प्रद्युम्न के पिता का बयान, हरियाणा के मंत्री नहीं चाहते थे कि सीबीआई जांच हो

गुड़गांव : हरियाणा के एक मंत्री चाहते थे कि प्रद्युम्न हत्याकांड की जांच सीबीआई न करे. उनकी कोशिश थी की मामला राज्यपुलिस के पास ही रहे. ये आरोप प्रद्युम्न के पिता वरुण ठाकुर ने लगाया है . वरुण ठाकुर ने बुधवार को कहा कि हरियाणा के मंत्री राव नरबीर सिंह ने उनसे कहा था कि सीबीआई जांच की मांग पर जोर न दें. इससे एक सवाल उठता है कि क्या ये मंत्री किसी ऐसे शख्स को बचाना चाहते थे जो इस हत्या मे शामिल था.

मंत्री ने हालांकि इन दावों को ‘निराधार’ बताकर खारिज किया है. ठाकुर ने कहा कि मंत्री ने उनसे कहा था कि सीबीआई जांच खत्म होने में कम से कम एक साल का वक्त लगेगा और उन्हें राज्य पुलिस की जांच पर भरोसा करना चाहिए. ठाकुर ने कहा, ‘पहले, मुझे समझ नहीं आया कि मंत्री ने ऐसा क्यों कहा. लेकिन मीडिया में उनके बयान कि सीबीआई जांच की मांग करना फैशन बन गया है और वह सीबीआई द्वारा 11वीं के छात्र को आरोपी बनाए जाने पर विश्वास नहीं करते, इससे मुझे उन पर संदेह हुआ. वह हमें हतोत्साहित करना चाहते थे, ताकि हमें सीबीआई जांच की मांग न करें.’ ये मंत्री वरुण की हत्या के ठीक बाद प्रद्युम्न के घर गए थे.

ठाकुर ने कहा कि उन्होंने मंत्री को बताया कि अगर सीबीआई भी समान नतीजे पर पहुंचती है तब हम इसे मान लेंगे, लेकिन हम पहले सीबीआई जांच चाहते हैं. नरबीर सिंह, मनोहर लाल खट्टर सरकार में लोक निर्माण मंत्री हैं. उन्होंने कहा कि वह बच्चे की हत्या के बाद हालांकि ठाकुर के घर गए थे, लेकिन उन्होंने कभी भी उनसे सीबीआई जांच की मांग नहीं करने की बात नहीं कही थी.

मंत्री ने संवाददाताओं से कहा, ‘कोई भी सरकार घटना के दिन ही मामले की जांच को सीबीआई को नहीं सौंप देती. उसके पिता से पूछिये.मैंने उनसे कहा था कि सरकार को कम से कम 4-5 दिन जांच तो करने दीजिए और अगर वह उससे संतुष्ट नप्रद्युम्न के पिता का बयान, हरियाणा के मंत्री नहीं चाहते थे कि सीबीआई जांच हो हों तब हम सीबीआई जांच की सिफारिश करेंगे.’ उन्होंने कहा, ‘अगर पहले दिन ही जांच सीबीआई को सौंप दी जाती, तब इसका मतलब है कि हरियाणा पुलिस विफल हो गई. प्रदेश की एजेंसी पहले जांच करती है.’प्रद्युम्न के पिता का बयान, हरियाणा के मंत्री नहीं चाहते थे कि सीबीआई जांच हो

मंत्री ने कहा कि ठाकुर की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए उन्होंने खुद मुख्यमंत्री से बात कर सीबीआई जांच पर जोर दिया, जिसका आदेश कुछ ही दिनों में कर दिया गया था.