पश्चिम बंगाल: पंचायत चुनावों में 500 जगह हिंसा , 11 लोगों की मौत, गुंडों को ममता की खुली छूट ?

पश्चिम बंगाल: पंचायत चुनावों में 500 जगह हिंसा , 11 लोगों की मौत, गुंडों को ममता की खुली छूट ?

कोलकाता : पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनाव के दौरान बड़े पैमाने पर हिंसा हुई है. वोटिंग के लिए कड़े सुरक्षा इंतजामों के प्रशासन के तमाम दावों के बावजूद कई इलाकों में जमकर खूनी संघर्ष हुआ. सोमवार दोपहर तक तक इन झड़पों में 11 लोगों की मौत हो चुकी है. गृह मंत्रालय ने हिंसाओं के संबंध में पश्चिम बंगाल सरकार से रिपोर्ट मांगी है. मौतों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका है. सुबह से ही मतदान के दौरान हिंसा की खबरें मिलनी शुरू हो गई थीं. वहीं, अलग-अलग स्थानों पर हुई झड़पों में दर्जनों लोग जख्मी हुए हैं.

निर्वाचन आयोग को मिलीं 500 शिकायतें

इस बीच दोपहर दो बजे तक राज्य निर्वाचन आयोग को 500 शिकायतें मिल चुकी हैं. बंगाल बीजेपी के अध्यक्ष दिलीप घोष और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) से बीजेपी में शामिल हुए मुकुल रॉय हिंसा के हालात पर राज्यपाल केसरी नाथ त्रिपाठी से मुलाकात करने वाले हैं. नंदीग्राम में निर्दलीय उम्मीदवार के दो समर्थकों की झड़प के दौरान मौत हुई है. पटकेलबारी इलाके में टीएमसी कार्यकर्ताओं के हमले में निर्दलीय उम्मीदवार के समर्थक शाहिद शेख की जान चली गई. वहीं, नादिया जिले के नकासीपुरा में पोलिंग बूथ से लौट रहे टीएमसी कार्यकर्ता की गोली मार कर हत्या कर दी गई.

बेलदांगा में बीजेपी कार्यकर्ता तपन मंडल की हत्या कर दी गई. आमदांगा में सीपीएम के एक कार्यकर्ता की बम हमले में मौत हुई है. साउथ 24 परगना जिले में टीएमसी कार्यकर्ता आरिफ अली की गोली मार कर हत्या कर दी गई. जलपाईगुड़ी के शिकारपुर में उपद्रवियों ने बैलट बॉक्स को फूंक दिया.

सीपीएम कार्यकर्ता को पत्नी समेत जिंदा जलाया

कूचबिहार में भी बीजेपी कार्यकर्ताओं के हमले में टीएमसी कार्यकर्ता अनीरुल हुसैन को गोली लगने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया है. महिष्कुची में बीजेपी के पोलिंग एजेंट प्रभात अधिकारी पर हमला हुआ है. वहीं, काकद्वीप के कचारिबारी में उपद्रवियों ने सीपीएम कार्यकर्ता देबू दास को पत्नी समेत जिंदा जला दिया.

राज्य के कई हिस्सों से बूथ कैप्चरिंग, वोटरों को धमकाने और बैलट इधर-उधर करने की घटनाएं सामने आ रही हैं. हिंसा के बीच राज्‍य में दोपहर 1 बजे तक 41.51 फीसदी मतदान हुआ है. हिंसा प्रभावित 13 मतदान केंद्रों पर पोलिंग को सस्‍पेंड कर दिया गया है.

बैरकपुर में भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी को चाकू मार दिया गया. उन्हें जब अस्पताल ले जाया गया तब तक उनके पेट मे चाकू लग हुआ था. आखिरकार उनके जख्म जानलेवा साबित हुए. उधर, उत्तरी 24 परगना में एक बम धमाके में 20 लोग घायल हो गए. इससे पहले कूचबिहार में दो गुटों के बीच झड़प में 20 लोग घायल हो गए थे. उत्तर दिनाजपुर में कुछ लोगों ने बैलट बॉक्स को ही आग के हवाले कर दिया. दिनाजपुर के सोनाडंगी में टीएमसी कार्यकर्ताओं ने पोलिंग बूथ में जमकर तोड़फोड़ की.

उत्तरी 24 परगना

उत्तरी 24 परगना के अमडंगा के साधनपुर में एक देसी बम फट गया. घटना में 20 लोग घायल हो गए. उधर, बीरपाड़ा से सामने आए एक विडियो में कथित तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) कार्यकर्ता एक पोलिंग बूथ के बाहर लोगों को वोट डालने जाने से रोकते हुए दिख रहे हैं और भांगर में टीएमसी पर बूथ कैप्चरिंग के आरोप लगे हैं.

अमडंगा के ही पांचपोटा में बम धमाके में एक सीपीएम कार्यकर्ता की मौत हो गई जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. अमडंगा के कुलताली में एक टीएमसी कार्यकर्ता आरिफ गाजी की गोली मारकर हत्या कर दी गई. उधर, उलुडंगा में बम धमाके में पांच लोग घायल हो गए.

इससे पहले शनिवार को कम्यूनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सिस्ट) के एक कार्यकर्ता देबू दास और उसकी पत्नी ऊषा दास को जलाकर मार डालने की घटना भी सामने आई है. बताया गया है कि उनके घर को आग लगा दी गई थी जिसमें दोनों की मौत हो गई. पार्टी ने घटना के लिए टीएमसी कार्यकर्ताओं को जिम्मेदार ठहराया है.

बंगाल के कूचबिहार में दो गुटों के बीच झड़प में करीब 20 लोगों के घायल होने की खबर है. घायलों ने उन पर हमला करने का आरोप तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं पर लगाया है. उन्होंने बताया, ‘हम वहां वोट करने गए थे लेकिन टीएमसी के लोगों ने लाठियों से हम पर हमला कर दिया.’ सभी घायलों को एमजेएन अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है.

वहीं, टीएमसी कार्यकर्ता अनीरुल होसैन को कथित बीजेपी कार्यकर्ता ने गोली मार दी. घायल होसैन को गंभीर अवस्था में अस्पताल ले जाया गया जहां उनका इलाज चल रहा है. उधर, महीशकुची में बीजेपी पोलिंग एजेंट प्रभात अधिकारी को हमले में गंभीर रूप से घायल कर दिया गया.

मंत्री ने बीजेपी समर्थक को मारा

कूचबिहार के ही बूथ नंबर 8/12 में पुलिस के सामने ममता सरकार में मंत्री रबींद्रनाथ घोष ने एक भारतीय जनता पार्टी समर्थक को थप्पड़ जड़ दिया. यही नहीं, वहां मौजूद घोष के समर्थकों की भीड़ और एक पुलिसकर्मी ने सुजीत कुमार दास नाम के समर्थक को बाहर किया.

घटना का विडियो सामने आने से घोष पर सवाल किए जा रहे हैं. बताया जा रहा है कि घोष बूथ पर वोट डालने नहीं गए थे क्योंकि वह उस इलाके के निवासी भी नहीं हैं. ऐसे में उनकी वहां मौजूदगी और एक व्यक्ति को मारने को लेकर वह सवालों के घेरे में हैं.

बीजेपी उम्मीदवार पर चाकू से हमला

बिलकांडा में बीजेपी उम्मीदवार राजू बिस्वास पर कथित टीएमसी कार्यकर्ताओं ने चाकू से हमला कर दिया. हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गए. उन्हें फौरन पानीहाटी स्टेट जनरल अस्पताल ले जाया गया जहां उसका इलाज चल रहा है.

मीडिया पर हमला

भांगर जिले से भी हिंसा की खबरें आ रही हैं. यहां मीडिया को निशाना बनाया गया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक मीडिया के वाहन को आग के हवाले कर दिया है और कैमरों को भी तोड़ दिया गया है. मीडिया कर्मियों को क्षेत्र के अंदर दाखिल नहीं होने दिया जा रहा. भांगर में ही स्थानीय लोगों ने जमकर हंगामा किया. बड़ी संख्या में मौजूद भीड़ ने रास्ता जाम कर दिया. गुस्साए लोगों का आरोप था कि टीएमसी कार्यकर्ता बूथ कैप्चरिंग का प्रयास कर रहे थे.

वोट डालने से रोका

यही नहीं, बीरपाड़ा में कुछ लोगों ने बूथ नंबर 14/79 पर जारी वोटिंग में व्यवधान डालने की कोशिश की. बताया गया है कि ये लोग कथित तौर पर टीएमसी कार्यकर्ता थे. सामने आए एक विडियो में बड़ी संख्या में लोग वोटरों को बूथ के अंदर दाखिल होने से रोकते दिख रहे हैं.

उधर पश्चिम मिदनापुर में भी कथित टीएमसी कार्यकर्ताओं द्वारा लोगों को वोट डालने से रोके जाने की खबर है. उधर नाडिया जिले के शांतिपुर में एक बाहरी व्यक्ति को बूथ कैप्चरिंग करते हुए पाया गया तो भीड़ ने पीट-पीटकर उसकी जान ले ली.

मुर्शीदाबाद में वोटिंग थमी

मुर्शीदाबाद में बीजेपी और टीएमसी कार्यकर्ताओं में झड़प इस हद तक बढ़ गई कि बैलट पेपर ही तालाब में फेंक दिए गए. विवाद बढ़ने पर वोटिंग रोक दी गई. उधर, बीरपाड़ा के मदारीहाट में कथित टीएमसी कार्यकर्ताओं ने बैलट में हेरफेर करने की कोशिश की. यही नहीं, बूथ नंबर 44, 45 और 45 के में कुछ अज्ञात बंदूकधारियों ने बंदूक की नोक पर बैलट बॉक्स लूट लिए. मुर्शीदाबाद में टीएमसी और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं में झड़प भी हुई.

गौरतलब है कि चुनाव के लिए नामांकन के समय से ही राज्य का अलग-अलग हिस्सों में हिंसा की घटनाएं सामने आ रही थीं. इसके मद्देनजर चुनाव के लिए सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए है और असम, ओडिशा, सिक्किम और आंध्र प्रदेश से लगभग 1,500 सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है.

Leave a Reply

Your email address will not be published.