रामकिशन आत्महत्या से राहुल गांधी की साख बढ़ी, बीजेपी से निराश हुए लोग

राम किशन की आत्महत्या के बाद के राजनीतिक घटनाक्रम के बाद लोगों की नज़र में बीजेपी की साख तेज़ी से गिरी है. दिल्ली के लोगों का मानना है कि बीजेपी ने इस मामले पर अनावश्यक सख्ती बरती है. हमारे संवाददाताओं ने इस बारे में अलग अलग जगहों पर जाकर लोगों से बात की. सबसे ज्यादा नाराज़ लोग मारे गए पूर्व सैनिक रामकिशन के परिवार के साथ हुए खराब रवैये दिखाई दिए. ज्यादातर लोगों का मानना था कि रामकिशन के बेटे के साथ मारपीट करना तो दूर उन्हें हिरासत में लेना भी ठीक नहीं था. इंडियागेट घूमने आए सैलानी धनंजय राय ने कहा कि उसके परिवार में मौत हुई थी उसे थाने में क्यों ले गए? कोई अपने पिता की अंत्येष्टि की तैयारी कर रहा था और पुलिस उसे थाने ले गई. मारपीट की तो और भी गलत किया.

सबसे ज्यादा अचरज की बात ये हैं कि राहुल गांधी और केजरीवाल के विरोध पर दिल्ली ये लोग उनके साथ दिखाई देते हैं.  आम तौर पर दिल्ली के खाते पीते लोगों की राय आंदोलन करे वाले लोगों के खिलाफ ही होती है लेकिन इस मामले में रवैया कुछ और ही है लोगों का मानना है कि राहुल गांधी के साथ ज्यादती हुई. इतने बड़े नेता को मिलने देना चाहिए था. अस्पताल में नेता के जाने से अव्यवस्था फैलने का सवाल ही नहीं था. मैं खुद राम मनोहर लोहिया अस्पताल में काम करती हूं. मॉर्चरी दूर है. न तो वहां से मरीज़ गुजरते हैं न उनके अटेंटेंट. गेट भी अलग है. वहां राहुल गांधी परिवार के साथ मिलकर लौट आते. क्या फर्क पड़ने वाला था. केजरीवाल को भी जाने देना चाहिए था. राहुल गांधी और केजरीवाल के जाने से क्या फर्क पड़ना था. नाम न छापने की शर्त पर इस नर्सिंग ऑर्डरली महिला ने बताया.

राहुल गांधी को गाड़ी में डिटेन करना भी लोगों को भाया नहीं. लोगों का मानना है कि राहुल गांधी को प्रताड़ित करने के लिए उन्हें गाड़ी में रोक कर रखा गया.

सबसे ज्यादा गुस्सा वीके सिंह के बयानों को लेकर है. ज्यादातर लोगों ने वीके सिंह के बयानों को बीजेपी के अहंकार का नतीजा बताया. पान की दुकान के संचालक राजकुमार इलाहाबाद के रहने वाले हैं. उन्होंने कहा कि  बीजेपी में अकड़ आ गई है और अकड़ में वो भूल गई है कि कहां क्या बोलना है.