लड़की से गंदी हरकत करने के आरोप में JNU में ‘योगी’ का हुआ ये हाल

लड़की से दुराचार की कोशिश में पकड़ा गया राघवेन्द्र मिश्रा (Raghvendra mishra) जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) क अध्यक्ष का चुनाव लड़ चुका था. उसे कट्टर हिंदू के तौर पर पहनाचा जाता था और लोग उसे. जेएनयू का योगी (yogi of JNU) बुलाते थे. तमाम मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक वह अखिल भारतीय विधार्थी परिषद् (abvp) का पूर्व सदस्य रह चुका है. हालांकि एबीवीपी ने इससे इंकार किया है.

आरोप है कि राघवेंद्र ने कैंपस में छात्रा से छेड़खानी की है. छात्रा ने वसंत कुंज (नॉर्थ) थाने में मिश्रा के खिलाफ बुधवार (5 फरवरी) को शिकायत दर्ज करवाई थी. राघवेंद्र मिश्रा को दिल्ली पुलिस ने छात्रा से यौन उत्पीड़न के आरोप में गिरफ्तार किया है.

दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने कहा ‘आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले की जांच की जा रही है. छात्रा ने आरोप लगाया है कि कैंपस के हॉस्टल में उसके साथ राघवेंद्र ने यौन उत्पीड़न किया है. हमें बुधवार को शिकायत मिली थी और भारतीय दंड संहिता की धारा 354 (दुराचार) और 323 के तहत वसंत कुंज (नॉर्थ) में केस दर्ज किया गया है.’

पुलिस ने बताया ‘छात्रा ने कहा है कि मिश्रा ने उसे अपने हॉस्टल में बुलाया और फिर उसका यौन उत्पीड़न किया. इसके बाद जब छात्रा ने शोर मचाया तो हॉस्टल के सिक्योरिटी गॉर्ड, आस-पास मौजूद स्टूडेंट्स आए और मिश्रा को पकड़ लिया.’

राघवेंद्र मिश्रा ‘जेएनयू के योगी’ के नाम से मशहूर है. राघवेंद्र यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तरह भगवा कपड़े पहनता है उसके इसी अंदाज की वजह से उसका यह नाम पड़ा.

उसने एक इंटरव्यू के दौरान अपने पहनावे को लेकर कहा था कि भगवा संस्कृति की पहचान है इसलिए वह ऐसे वस्त्र धारण करता है. लेकिन उसका वस्त्र धारण प्रकृति का संयोग मात्र है कि यह सीएम योगी से मिलता है. वह हिंदुओं की बात करता है.’

बता दें कि मिश्रा ने 2019 में जेएनयू छात्रसंघ चुनाव में हिस्सा लिया था. उसने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर अध्यक्ष पद पर चुनाव लड़ा,  लेकिन उसे हार का सामना करना पड़ा. मिश्रा जेएनयू में फीस के खिलाफ आंदोलन में एबीवीपी की तरफ से मीडिया पर बयान दिया करता था और अपने बयान की शुरूआत जयश्रीराम के नारे और  कई श्लोक बोलकर किया करता था.

वह जेएनयू के संस्कृत सेंटर में पढ़ाई कर रहा है. समाचार एजेंसी PTI व कई अन्य मीडिया रिपोर्ट्स में राघवेंद्र को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) का पूर्व सदस्य बताया जा रहा है.

द न्यू इंडियन एक्सप्रेस की 29 अगस्त 2017 की एक खबर के मुताबिक राघवेंद्र मिश्रा एबीवीपी का सदस्य रहा है. उस वक्त उसने कहा था कि ‘मैं एबीवीपी का सच्चा समर्थक था, पर पार्टी ने हिंदुत्व की विचारधारा को कभी गंभीरता से नहीं लिया. उन्हीं (एबीवीपी) की वजह से जेएनयू में हिंदुत्व का चार्म खत्म हुआ’.

उधर, एबीवीपी ने एक बयान जारी कर कहा है कि आरोपी राघवेंद्र मिश्रा का अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से कोई संबंध नहीं है. वामपंथी संगठन भ्रम फैला रहे हैं.