ये है शाहीन बाग का सच. जानिए कौन उठा रहा है बिरयानी का खर्चा

शाहीन बाग में बिरयानी , कबाव और केले कहां से आते हैं. पीने का पानी कहां से मिलता है. कौन है जो शाहीन बाग में खाने पीने का इंतजाम कर रहा है. ये वो सवाल हैं जो सबके दिमाग में हैं. आज हम आपको बताने वाले हैं कि शाहीन बाग में खाना कहां से आता है.


इसे समझना है तो ऐसे समझें. अगर आप किसी के घर जाते हैं तो कुछ ना कुछ लेकर जरूर जाते है. ऐसा ही कुछ हाल शाहीन बाग में चल रहे प्रोटेस्ट का है. यहां पर कोई भी जाता है, वह अपने साथ प्रदर्शनकारियों के लिए घर से या बाज़ार से कुछ ना कुछ लेकर जाता है. एक छात्र ने बताया कि वो कमाता नहीं है . इसलिए यहां जब भी आता है तो कभी एक दर्जन केले लेकर आता है, तो कभी कुछ. ताकि जो लोग संविधान को बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं, उनका मैं कुछ साथ दे सकूं

अलीम नाम के छात्र ने बताया कि उसके सामने हर किसी का एक ही सवाल है कि कैसे हम इतने दिन से बैठे हैं. खाना कैसे आ रहा है लेकिन एक बात कह देना चाहता हूं कि जब इरादा पक्का हो तब कोई भी मुसीबत आ जाए. हर मुश्किल पार कर ली जाती है. अलीम भी यहां लोगों के लाए गए केले बांट रहा था


वहीं हादी खान बताते हैं, ‘हम अपने इलाके के जानने वाले लोगों के पास जाते हैं और उनसे मदद के लिए कहते हैं. तभी वे यहां पर आकर कभी कंबल और गद्दे देकर चले जाते हैं. इसी तरह हमारा प्रदर्शन चल रहा है.’ प्रदर्शनकारी महिला नूर जहां का कहना है कि अगर आपके घर में कोई मेहमान आता है, तो क्या आप उन्हें अपने घर से बिना खातिरदारी के वापस भेज देते हैं, नहीं ना. उन्होंने कहा, ‘तो हमारा साथ देने के लिए आए लोगों को कैसे बिना खातिरदारी के वापस भेज सकते हैं. हम अपने घरों से समान लाते हैं, ताकि हम अपने मेहमानों की खातिरदारी अच्छे से कर सके क्योंकि वे हमारे संघर्ष की लड़ाई में हमारे साथ खड़े हैं.’


प्रदर्शनकारी अजीम अहमद ने बताया कि पुलिस यहां पर 24 घंटे तैनात रहती है और वह हमेशा इसी ताक में रहती है कि कोई गलती हो और वे इन्हें यहां से उठा ले. उन्होंने कहा, ‘अगर यहां पर ऐसा कुछ हो रहा होता तो क्या हम यहां पर बैठे होते. बहुत दूर से लोग आते हैं और खाने के लिए कभी बिरयानी, पानी, फ्रूट और अन्य चीजें देकर जाते हैं और उसी को हम सभी प्रदर्शनकारियों के बीच में बांट देते हैं. कुछ महिलाएं घर से खाना खाकर आती हैं और लेकर भी आती हैं. ज्यादातर दोपहर के समय ही खाना बांटा जाता है.’


शाहीन बाग में पिछले कई दिनों से प्रदर्शनकारियों के लिए लंगर लगाया जा रहा है जो शाम के समय चलता है और सैकड़ों की संख्या में लोग लंगर खाते हैं. इसकी जानकारी देते हुए हमसीमरन सिंह ने बताया कि जब हमारे पंजाब से भाई जब भी आते हैं. वे प्रदर्शनकारियों के लिए अनाज लेकर आते हैं और उसी अनाज से हम एक समय का भोजन लोगों को करवाते हैं. इसी तरह किसी भी अन्य राज्य से लोग आते हैं, तो कभी गेहूं, चावल, आटा जरूर लेकर आते हैं. हालांकि पुलिस ने बीच में लंगर हटा दिया था लेकिन काम फिर भी जारी है.