चुनाव के लिए वाट्सएप के नये नियम, ब्लॉक हो सकते हैं अगर की ये गलती

अब कोई आपको आपकी इजाज़त के बगैर वाट्सएप ग्रुप में एड नहीं कर सकेगा. अगर कोई आपको ग्रुप में ऐड करता है तो पहले आपको एक मैसेज आएगा और जब आप ग्रुप की सदस्यता स्वीकार करेंगे तभी कोई आपको एड कर सकेगा. इसके अलावा कोई भी पांच से ज्यादा मैसेज (पांच ग्रुपों को नहीं पांच कुल संदेश) फॉरवर्ड नहीं कर सकेगा. जो इससे ज्यादा मैसेज फॉरवर्ड करेगा उसे ब्लॉक कर दिया जाएगा.

देश में लोकसभा चुनावों से पहले अफवाहों और फर्जी खबरों पर लगाम लगाने के लिए वाट्सएप ने मंगलवार को ‘चेकप्वाइंट टिपलाइन’ सेवा को लांच किया. इसके जरिये लोग उन्हें मिलने वाले मैसेज या जानकारी की प्रमाणिकता जांच पाएंगे. मैसेजिंग एप का मालिकाना हक रखने वाली कंपनी फेसबुक ने कहा, ‘इस सेवा को भारत के मीडिया स्किल्स स्टार्ट अप ‘प्रोटो’ ने पेश किया है.

यह टिपलाइन गलत जानकारियों एवं अफवाहों का डाटाबेस तैयार करने में मदद करेगी. इससे चुनाव के दौरान ‘चेकप्वाइंट’ के लिए इन जानकारियों का अध्ययन किया जा सकेगा. यह सेवा एक रिसर्च प्रोजेक्ट के तौर पर लागू की गई है, जिसमें वाट्सएप की ओर से तकनीकी सहयोग दिया जा रहा है.’

कंपनी के मुताबिक, प्रोटो का प्रमाणन केंद्र किसी भी तस्वीर, वीडियो और लिखित संदेशों की प्रमाणिकता की पुष्टि करने में सक्षम है. यह अंग्रेजी के अलावा हिंदी, तेलुगू, बांग्ला और मलयालम भाषा के संदेशों की भी पुष्टि कर सकता है. चुनाव के दौरान प्रोटो विभिन्न क्षेत्रों में जमीनी संगठनों के साथ मिलकर काम करेगा ताकि गलत जानकारी को फैलने से रोका जा सके. 

फेसबुक ने कहा कि देश में लोग उन्हें मिलने वाली गलत जानकारियों या अफवाहों को वाट्सएप के +919643000888 नंबर पर चेकप्वाइंट टिपलाइन को भेज सकते हैं. एक बार जब कोई यूजर टिपलाइन को यह सूचना भेज देगा तब प्रोटो अपने प्रमाणन केंद्र पर जानकारी के सही या गलत होने की पुष्टि कर यूजर को सूचित करेगा. इस पुष्टि से यूजर को पता चल जाएगा कि उसे मिला संदेश सही, गलत, भ्रामक या विवादित में से क्या है.

पिछले साल हुई मॉब लिंचिंग की घटनाओं के बाद फेसबुक ने अफवाहों और फर्जी खबरों पर रोक लगाने के लिए किसी संदेश को एक बार में केवल पांच लोगों तक फॉरवर्ड करने तक सीमित कर दिया था. इसके अलावा कंपनी ने अखबारों, टीवी और रेडियो में भी लोगों को फर्जी खबरों को लेकर जागरूक किया था.