आधी रात को जब सीएम के घर बुलाए गए पत्रकार, मध्यप्रदेश में कुछ तो गड़बड़ है

रिज़वान अहमद सिद्दीकी,
प्रधान संपादक, न्यूज़ वर्ल्ड चैनल

आधीरात को हाईवोल्टेज सियासत से मप्र की राजनीति में एक बार फिर क़यास तेज़ हो गये और फिर अचानक निर्दलीय विधायक दिनेश राय”मुनमुन” ने देर रात बीजेपी कार्यालय पहुंचकर पार्टी में शामिल होने की घोषणा की. इतने आनन-फ़ानन हुई इस क़वायद ने ही कई सवालों को जन्म दिया. भोपाल पहुंच रहे बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के समक्ष यह ऐलान करने के बजाय अचानक रात साढ़े ग्यारह बजे यूँ राज्यमंत्री संजय पाठक की मौजूदगी में प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह की मीडिया को दी गई यह जानकारी राजनीतिक समीक्षकों के गले नही उतर रही है.

इस चर्चा के बीच रात में अचानक चुनिंदा मीडिया को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के आवास पर बुलाया गया लेकिन जब मीडिया प्रतिनिधि वहां पहुंचे तो उन्हें बैरंग लौटा दिया गया. इसी बीच बीजेपी कार्यालय से पत्रकारों को बुलावा आया गया और फिर आधी रात में दिनेश राय मुनमुन बीजेपी के हो गये.

मुनमुन ने बताया उन्होंने यह फ़ैसला अपने क्षेत्र की जनता के हित में लिया है. मुख्यमंत्री से उन्हें मंत्री संजय पाठक ने मिलवाया और मुख्यमंत्री ने उनकी सारी मांगे मान लीं हैं. जिसमे सिवनी में मेडिकल कॉलेज और फ़ोरलेन शामिल है चुनाव के समय प्रतिद्वंदियों को शह और मात देने के लिये ऐसी सौदेबाज़िया होती रही हैं और बीजेपी तो इसमें माहिर है.

फिर भी सबसे बड़ा सवाल है कि अचानक रात में मीडिया को मुख्यमंत्री के आवास पर बुलाया जाना और उसके पहले अचानक दिल्ली से बीजेपी के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री रामलाल का वहाँ पहुंचना कई सवालों को जन्म दे रहा है. कहा जाता है मुख्यमंत्री कोई बड़ा बयान मीडिया को देना चाहते थे लेकिन समय पर पहुंचकर रामलाल ने उन्हें ऐसा करने से रोक लिया. आपको तीन मई के दिन भर के घटनाक्रम की ओर ले चलते हैं मुख्यमंत्री ने कहा दुनिया में कुछ भी परमानेंट नहीं है.’ कुर्सी की तरफ इशारा करते हुए ये भी कहा. ‘मैं तो जा रहा हूं. कुर्सी ख़ाली है. कुर्सी पर कोई भी बैठ सकता है.

चूँकि मुख्यमंत्री ने दिल्ली से लौटने के बाद यह कहा इसलिये इसके बाद एक बार फिर प्रदेश में बदलाव की चर्चा ने फिर ज़ोर पकड़ा शाम तक राष्ट्रीय महामंत्री कैलाश विजयवर्गीय और प्रदेश के दिग्गज मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा को दिल्ली बुलाये जाने और उत्तर प्रदेश की तरह मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री बनाये जाने की भी चर्चाएं मीडिया समूहों में ज़ोर पकड़ने लगीं फिर शिवराज सिंह चौहान सहित सबका खंडन भी आ गया.

इन सबके बीच उपमुख्यमंत्री के शुक्रवार को ऐलान की चर्चाओं ने फिर ज़ोर पकड़ा और इसके बीच ये हाईवोल्टेज क़वायद भी हुई सूत्र बताते हैं कि शिवराज सिंह इसके लिये राज़ी नही थे और उन्होंने हाईकमान के सामने ब्रम्हास्त्र का उपयोग किया जिसके बाद तत्काल रामलाल दिल्ली से भोपाल आ गये.

महाकौशल से एक विधायक को अपने पाले में करके शिवराज सिंह चौहान ने एक तरफ़ मप्र के दिग्गज कांग्रेस नेता और नवनियुक्त अध्यक्ष कमलनाथ को जवाब दिया तो वहीं हाईकमान को भी अपना संदेश दिया लेकिन कभी भी अपने निर्णयों से चौकाने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के अगले क़दम पर सबकी निगाह है.

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा.