तबलीगी जमात की सफाई, हमने वो ही किया जो मोदी जी ने कहा

निजामुद्दीन इलाके में तबलीकी मरकज में कोरोना वायरस मिलने की बात पर मरकज ने अपनी प्रेस रिलीज जारी की है. मरकज का कहना है कि उन्होंने वो किया जो मोदी जी ने कहा. दूसरे शब्दों में अगर मोदी जी की घोषणाएं सोच समझकर की गई होतीं तो शायह मुसलमान वहां एक जगह इतने दिन रुकते ही नहीं.

निजामुद्दीन इलाके में तब्लीगी जमात में कोरोना फैलने की खबर के बीच तबलीगी जमात ने अनपी सफाई दी है. जमात के मुताबिक हमने सिर्फ वो किया जो मोदी जी और सरकार ने करने को कहा था. जमात के मुताबिक उसके निजामुद्दीन स्थित मुख्यालय में पिछले सौ साल से ये आयोजन हो रहा है. और इस बार भी ये एक साल पहले से तय था. बाकायदा विदेशों से इसमें लोग आते हैं. और ये चारपांच साल से चला आ रहा है.

जमात के मुताबिक प्रधानमंत्री ने 22 मार्च को जनता कर्फ्यू का एलान किया. इस एलान के साथ ही हमने अपेन कार्यक्रम को तत्काल बीच में ही रोक दिया. जमात ने कहा कि 21 मार्च को अचानक रेल गाड़ियां बंद कर दने के बाद बड़ी संख्या में लोग फंस गए और उन्हें परिसर में ही रुकना पड़ा.

जमात के मुताबिक जैसे ही जनता कर्फ्यू का एलान हुआ आने वालों को बाहर जाने से रोक दिया गया. उनसे कहा गया कि रात 9 बजे तक बाहर न निकलें क्योंकि जनता कर्फ्यू है. प्रेस रिलीज के मुताबिक इसके बावजूद 1500 लोगों के अलग अलग ट्रांसपोर्ट के तरीकों से वहां से निकाला गया.

जमात का कहना है कि अचानक 23 मार्च के फिर से लॉक डाउन का एलान कर दिया गया. प्रधानमंत्री ने कहा कि लोग जहां हैं वहीं रहें. प्रधानमंत्री ने कहा कि कोई बाहर न निकले. उन्होंने कहा कि इस हालत में मरकज निजामुद्दीन के पास इसके अलावा कोई रास्ता नहीं था कि वो फंसे हुए लोगों को स्वास्थ्य विभाग की सलाह के मुताबिक सावधानी बरतते हुए ठहराने का इंतजाम करें.

मरकज के मुताबिक अगले ही दिन मेडिकल टीम के साथ 25 मार्च को मरकज पहुंचे. मरकज का दावा है कि उनसे पूरा सहयोग किया और मुआयना करवाया . कई लोगों का मेडिकल टीम ने मुआयना भी किया.

25 मार्च को फिर से एसडीएम मरकज आए और डीएम के साथ मीटिंग के लिए बुलाया. मरकज के लोगों ने बाकायदा फंसे हुए लोगों के बारे में जानकारी दी और वाहनों के लिए अनुमति देने की मांग की.

अगले ही दिन 27 मार्च को 6 लोग मेडिकल चेकअप को ले जाए गए. 28 मार्च को एसडीएम और डब्लूएचओ की टीम मरकज आई और 33 लोगों को राजीव गांधी केंसर अस्पताल ले गई.    

तबलीग का कहना है कि तीस मार्च को सोशल मीडिया पर अचानक अफवाह फैली कि मरकज में कोविड -19 के मरीज मौजूद थे इसके कारण कई मौत हुई. मरकज का कहना है कि एएनआई ने भी इस खबर को जारी कर दिया. इतना ही नहीं मुख्यमंत्री केजरीवाल ने भी आगे बढ़कर एलान कर दिया कि मरकज के प्रशासन के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी.

मरकज का कहना है कि किसी भी बात को खबर बनाने से पहले न तो एएनआई ने इसकी जांच की न केजरीवाल ने सच पता लगाना ठीक समझा.