अदालत ने कहा कि नागरिकता साबित करने के लिए वोटर आईडी काफी, अमित शाह की बात गलत ?

अमित शाह  कहा था कि वोटर आईडी कार्ड नागरिकता का सबूत नहीं है लेकिन अदालत ने कहा है कि ये बकवास है मतदाता पहचान पत्र नागरिकता साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत है. मुंबई के एक मैजिस्ट्रेट कोर्ट ने यह कहते हुए बांग्लादेश से अवैध रूप से देश में दाखिल होने के आरोपों से बरी कर दिया.

पुलिस को सूचना मिली थी कि बांग्लादेशी घुसपैठिए अब्बास शेख (45) और राबिया शेख (40) मुंबई में रह रहे हैं और उन्हें वर्ष 2017 में गिरफ्तार कर लिया गया था.

पुलिसकर्मियों का कहना था कि वो भारतीय होने का पर्याप्त सबूत नहीं दे पाए थे. हालांकि, दोनों ने कोर्ट में अपने मतदाता पहचान पत्र पेश कर दिए. कोर्ट ने कहा कि व्यक्ति झूठ बोल सकता है लेकिन दस्तावेज झूठ नहीं बोलते हैं. कोर्ट ने कहा कि जन्म प्रमाण पत्र, अधिवास प्रमाण पत्र, बोनाफाइड प्रमाण पत्र और पासपोर्ट जैसे दस्तावेज किसी भी नागरिकता को साबित कर सकते हैं.

अदालत ने कहा, “वोटर आईडी को नागरिकता का पर्याप्त प्रमाण कहा जा सकता है क्योंकि मतदान कार्ड के लिए आवेदन करते समय किसी व्यक्ति को अधिकार के साथ पीपुल्स रिप्रेजेंटेशन एक्ट के तहत घोषणा पत्र दाखिल करना होता है कि वह भारत का नागरिक है और यदि घोषणा झूठी पाई जाती है, तो वह सजा का हकदार होगा.”