अनिल अंबानी के लिए सुप्रीम कोर्ट का आदेश बदला, दो गिरफ्तार

क्या सुप्रीम कोर्ट के कर्मचारियो के अनिल अंबानी ने खरीद लिया है. कम से कम हाल के मामले से यही सामने आया है. इस मामले में क्राइम ब्रांच ने सुप्रीम कोर्ट के दो पूर्व कर्मचारियों को गिरफ्तार भी किया.

इन दोनों पर अदालत में काम करने के दौरान अनिल अंबानी को फायदा पहुंचाने के आरोप है. बीते दिनों चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कार्रवाई करते हुए दोनों कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया था.

दर असल मानव शर्मा और तपन कुमार चक्रवर्ती ने अदालत की वेबसाइट पर अपलोड किए गए न्यायिक आदेश को बदल दिया. सुप्रीम कोर्ट का आदेश था कि अनिल अंबानी टेलीकॉम कंपनी एरिक्सन द्वारा दायर अवमानना याचिका में व्यक्तिगत रूप से पेश हों. लेकिन इन कर्मचारियों ने आदेश में फेरबदल करके उसे इंटरनेट पर डाल दिया. इंटरनेट पर डाले गए आदेश में व्यक्तिगत पेशी की बात गायब कर दी गई थी.

बीते सात जनवरी को, सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर अपलोड किए गए आदेश में कहा गया था कि ‘कथित अवमानना करने वाले की व्यक्तिगत उपस्थिति को खारिज कर दिया गया है’. हालाकि, यह आदेश उस दिन अदालत में जो कहा गया था, उसके विपरीत था.

अदालत ने माना कि कि यह एक गलती के बजाय एक जानबूझकर किया गया कार्य प्रतीत होता है. संशोधित आदेश अपलोड होने के बाद, अंबानी 12 जनवरी और 13 जनवरी को अदालत में पेश हुए. अदालत ने बुधवार को मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया.

गौरतलब है कि अनिल अंबानी को सुप्रीम कोर्ट ने चेतावनी दी थी कि अगर तय समय में राशि जमा नहीं होती है तो उन्हें जेल में डाल दिया जाएगा. हालांकि, अनिल अंबानी ने अपने बड़े भाई मुकेश अंबानी और भाभी नीता अंबानी की मदद से स्वीडन की दूरसंचार उपकरण बनाने वाली कंपनी एरिक्सन की बकाया राशि को जमा करा दिया था, जिसकी वजह से वह जेल जाने से बच गए थे.

अभी भी अनिल अंबानी के भारी कर्ज के तले दबे हुए हैं. वित्त वर्ष के अंत यानी मार्च, 2018 तक अनिल अंबानी समूह (ADAG) के ऊपर कुल कर्ज 1,03,158 करोड़ रुपये था और इस पर ब्याज देनदारी भी करीब 10 हजार करोड़ रुपये के पार थी.