ओबामा ने सिर्फ पाकिस्तान को नहीं लताड़ा, भारत के लिए भी थी चेतावनी, सुनिए पूरा भाषण

संयुक्त राष्ट्र: अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने पाकिस्तान जैसे देशों को छद्मयुद्ध से बचने की नसीहत तो दी है लेकिन इसके साथ ही भारत के लिए भी उनके भाषण में बड़ा संदेश है. मज़ेदार बात ये है कि भारतीय मीडिया पाकिस्तान को संदेश देने की बात तो ज़ोरशोर से उठा रहा है लेकिन दूसरे सबसे अहम संदेश को तरजीह देना नहीं चाहता. ओबामा ने चेतावनी दी कि अगर समुदायों को सह-अस्तित्व को बढ़ावा नहीं दिया गया तो चरमपंथ के अंगारे उन्हें जला डालेंगे. जिससे अनगिनत लोग पीड़ित होंगे और चरमपंथ बाहरी मुल्कों में पहुंचेगा. अमेरिकी राष्ट्रपति के रूप में संयुक्त राष्ट्र महासभा को अपने आठवें और आखिरी संबोधन में ओबामा ने स्वीकार किया कि चरमपंथी और सांप्रदायिक हिंसा पश्चिम एशिया को अस्थिर कर रहा है.

इससे मिलते जुलते खतरे भारत में भी हैं. यहां भी सह अस्तित्व की भावना को खत्म करने की कोशिशें चलती रहती हैं. खुद प्रधानमंत्री पर इससे जुड़े हुए आरोप लगते रहे हैं.

ओबामा ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 71 वें सत्र में कहा कि कोई बाहरी शक्ति विभिन्न धार्मिक समुदायों को या जातीय समुदायों को लंबे समय तक सह-अस्तित्व लिए मजबूर करने नहीं जा रही. ये खुद देशों के अंदर से ह करना होगा. उन्होंने चेतावनी दी कि समुदायों के सह अस्तित्व के बारे में बुनियादी सवालों का जवाब दिए जाने तक चरमपंथ के अंगारे जलते रहेंगे. अनगिनत लोग पीड़ित होंगे और चरमपंथ बाहरी देशों तक फैलता रहेगा. उन्होंने कहा कि सभी पक्ष एक साझा मानवता को मान्यता दें और अव्यवस्था को तूल देने वाले परोक्ष युद्धों को देश खत्म करें.

गौरतलब है कि रविवार को कश्मीर के उरी में सेना के एक बटालियन मुख्यालय पर हुए आतंकी हमले में 18 सैनिक शहीद हो गए. यह हमला पाक आधारित जैश ए मोहम्मद के आतंकवादियों ने किया था.

ओबामा ने कहा कि हमने आतंकवादियों के पनाहगाह मिटाए हैं, परमाणु अप्रसार व्यवस्था को मजबूत किया है और कूटनीति के जरिए इरानी परमाणु मुद्दा सुलझाया है. हमने क्यूबा के साथ संबंध के द्वार खोले हैं और हम म्यांमार की नई लोकतांत्रिक नेता का इस सभा में स्वागत करते हैं

 

पाकिस्तान का नाम लिए बगैर अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा कि जो देश छद्म युद्ध में लगे हैं, उन्हें इसे बंद करना होगा. उन्होंने इससे पहले पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ से मिलने से भी इन्कार कर दिया था.

गौरतलब है कि पाकिस्तान की ओर से जारी छद्म युद्ध की बात अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत हमेशा उठाता रहा है. ओबामा ने अपनी आठ साल की उपलब्धियों में आतंकवादियों के सुरक्षित ठिकानों के खात्मे को भी गिनाया. हालांकि ओबामा ने माना कि धार्मिक कट्टरता से मध्य पूर्व अस्थिर हुआ है और यही कट्टरता अन्य स्थानों में फैल रही है.