भ्रष्ट तहसीलदार के घर से निकला नोटों का अंबार,एक करोड़ दस लाख की रिश्वत लेते गिरफ्तार

एक तहसीलदार की कितनी दौलत हो सकती है. लेकिन इरादे बुलंद हों तो छोटा कर्मचारी भी बड़ी रिश्वत ले सकता है.  तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में शनिवार को एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने एक ऐसे तहसीलदार को पकड़ा है जो करोड़ों में रिश्वत लिया करता था. एसीबी ने किसारा मंडल के तहसीलदार बालाराजू नागाराजू के घर और अन्य ठिकानों पर छापेमारी की.

नागाराजू शुक्रवार को 28 एकड़ जमीन में पच्चड़ फंसाकर एक बिल्डर से एक करोड़ दस लाख रुपये रिश्वत ले रहा था.  सत्या डेवलपर्स रियल स्टेट नाम के इस बिल्डर को 1 करोड़ 10 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया था. जिसके बाद ये कार्रवाई की गई.

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नागाराजू का खजाना तो अभी नहीं पकड़ा गया है लेकिन जो नोट अभी मिले हैं वो बिस्तरों में भरे गए थे. नागाराजू के घर से और 36 लाख रुपये बरामद किए गए. इसके अलावा आधा किलोग्राम के वजन का सोना भी बरामद हुआ. छापेमारी के दौरान बरामद हुई रकम को गिनने के लिए नोट गिनने की मशीन भी मंगाई गई, इसमें 500 के नोट ज्यादा थे.

बता दें कि तहसीलदार नागाराजू के घर पर ACB के छापे के दौरान उसकी कार से 8 लाख रुपये कैश और घर से 28 लाख रुपये नगद बरामद हुए. इसके साथ 500 ग्राम सोना, लॉकर की चाभी और अचल संपत्ति के दस्तावेज भी बरामद हुए.

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जांच अधिकारी ने बताया कि तहसीलदार ने सत्या डेवलपर्स रियल स्टेट से 19 करोड़ की कीमत की जमीन के मामले में 2 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगी थी. ACB ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत तहसीलदार बालाराजू नागाराजू, रियल स्टेट डीलर के. अंजी रेड्डी और ग्राम राजस्व अधिकारी बी. साई राज के खिलाफ केस दर्ज किया है.