रोज़ दस इनसानों की गर्दन काटता है साऊदी अरब का ‘सुल्तान’

सऊदी अरब में 37 लोगों के सिर कलम करने के बाद पूरी दुनिया में बौखलाहट है. दुनियाभर में सऊदी अरब के इस फैसले की ज्यादातर देशों ने कड़ी आलोचना की है. सउदी अरब ने अपने 37 नागरिकों बेरहम मौत की सजा आतंकवाद का समर्थन करने का आरोप लगाते हुए दिया. उल्लेखनीय है कि इस देश में सत्ता के खिलाफ बोलना आतंकवाद के अपराध की श्रेणी में रखा जाता है. लेकिन इनके लिए दी जानी वाली सजा इतनी बर्बर होती है कि इसके बारे में जानकर बड़े कलेजे वालों के भी रोंगटे खड़े हो जाएं.

सऊदी में सिर कलम करने को लेकर भी कुछ नियम हैं. जैसे कि आमतौर पर सिर कलम करने का समय सुबह के नौ बजे का होता है. इस खास समय पर ही अपराधी को चलाकर राजधानी रियाद के ‘चॉप चॉप स्क्वेयर’ पाया लाया जाता है.

इस जगह पर पहले से ही एक जल्लाद मौजूद होता है. इन जल्लादों को सऊदी में सुल्तान कहा जाता है. इस जल्लाद खास खूबी होती है कि इसे एक ही बार तलवार चलाकर सिर धड़् से अलग कर देने का अनुभव होता है. आमतौर पर ये सिर काटने वाले जल्लाद प्रोफेशनल होते हैं. इन्हें एक दिन में 10 सिर काटने की अनुमत‌ि होती है. आमतौर पर इनकी पोशाक एक सफेद रंग का फुलसाइज कुर्ता होता है.

अगर जल्लाद ऐसा नहीं कर पाया तो उसे भी सजा जाती है. यानी कि मौत के तमाम नियमों में यह भी एक अहम पहलू होता है कि अपराधी का सिर एक बार में ही ‘खच’ की आवाज के साथ धड़ से अलग हो जाता है.

लेकिन इससे पहले एक और काम कराया जाता है. अपराधियों को इस बात की सख्त हिदायत दी जाती है कि वे चॉप चॉप स्‍क्वेयर पर जाकर जल्लाद के सामने किस मुद्रा में झुककर बैठेंगे. उन्हें एक खास अंदाज में ही घुटनों पर बैठना होता है. इसके बाद वे सिर कलम करते वक्त छिटकें नहीं इसलिए दो सैनिक उन्हें पकड़े रहते हैं.

इसी दौरान एक और खास बात देखने को मिलती है. असल में सिर कलम करने के ऐन पहले क्षेत्र में इसकी जानकारी बांट दी जाती है. ऐसे में मौत की सजा के वक्त स्केवयर पर काफी संख्या में मौजूद रहते हैं.