महाराष्ट्र सरकार गिराने के लिए SSR मामले की सीबीआई जांच ? संबित पात्रा का खुलासा

बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने आज साफ कर दिया कि सुशांत सिंह राजपूत मामले में सीबीआई जांच महाराष्ट्र सरकार गिराने का एक ज़रिया है. अपने एक ट्वीट में उन्होंने कहा कि जल्द ही महाराष्ट्र सरकार गिर जाएगी.

बीजेपी प्रवक्ता ने ट्वीट करते हुए लिखा, पहले महाराष्ट्र सरकार सो “रिया” था. फिर संजय राउत सुशांत परिवार को धो “रिया” था. अब मुंबई में सरकार रो “रिया” है. दोस्तों जल्दी ही सुनेंगे महाराष्ट्र सरकार जा “रिया” है.#महाराष्ट्रसरकार_रो_रिया_है.

इस मसले पर सुनवाई के दौरान  न्यायमूर्ति ऋषिकेश रॉय की एकल पीठ ने वीडियो कांफ्रेंस के जरिये अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती की याचिका पर अपने फैसले में कहा कि राजपूत के पिता की शिकायत पर बिहार पुलिस द्वारा दर्ज प्राथमिकी सही है और इसे सीबीआई को सौंपना विधिसम्मत है.

रिया चक्रवर्ती ने पटना के राजीव नगर थाने में दर्ज इस मामले को मुंबई स्थानांतरित करने का अनुरोध करते हुये उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर की थी. सुशांत सिंह राजपूत (34) 14 जून को मुंबई के उपनगर बांद्रा में अपने अपार्टमेन्ट में छत से लटके मिले थे.

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इस मामले की तभी से मुंबई पुलिस जाच कर रही है. मुंबई पुलिस ने इस मामले में सिने निर्माता आदित्य चोपड़ा, महेश भट और संजय लीला भंसाली सहित कम से कम 56 व्यक्तियों के बयान दर्ज किये हैं.

न्यायमूर्ति रॉय ने फैसला सुनाते हुये कहा कि राजपूत की मृत्यु के संबंध में अगर कोई अन्य मामला दर्ज है तो उसकी जांच भी सीबीआई ही करेगी. न्यायालय ने कहा कि मुंबई पुलिस दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 174 के तहत जांच कर रही है जो बहुत ही सीमित है.

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यह धारा अस्वभाविक मृत्यु और आत्महत्या के मामलों की प्रक्रिया से संबंधित है. शीर्ष अदालत ने कहा कि इस मामले में सीबीआई की जाच विधिसम्मत है.

रिया चक्रवती की याचिका पर सुनवाई के दिन ही न्यायमूर्ति राय ने राजपूत को प्रतिभाशाली अभिनेता बताते हुये कहा था कि उसकी मौत की सच्चाई सामने आनी ही चाहिए. न्यायमूर्ति राय ने रिया चक्रवर्ती की याचिका पर 11 अगस्त को सुनवाई पूरी की थी. इस दौरान उन्होंने रिया के साथ ही महाराष्ट्र और बिहार सरकार, केन्द्र सरकार और राजपूत के पिता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ताओं की दलीलों को सुना था.

इस मामले की सुनवाई के दौरान केन्द्र ने न्यायालय को सूचित किया था कि उसने पटना के राजीव नगर थाने में राजपूत के पिता द्वारा दर्ज कराये गये मामले की जांच सीबीआई को सौंपने की बिहार सरकार की सिफारिश स्वीकार कर ली है और इस संबंध में कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग ने आवश्यक अधिसूचना जारी कर दी है.