महिलाओं की मुफ्तयात्रा पर ई श्रीधरन को सिसोदिया का कड़ा जवाब, बोले उन्हें जानकारी नहीं

मेट्रो चीफ ई श्रीधरन को आम आदमी पार्टी की तरफ से कड़ा जवाब दिया गया है. दिल्ली के डिपुटी सीएम मनीष सिसोदिया ने कहा कि ई श्रीधरन के ज़माने की मेट्रो नहीं है. सिसोदिया ने ई श्रीधरन को चिट्ठी भी लिखी है जिसमें कहा गया है कि दिल्ली मेट्रो की कैपेसिटी चालीस लाख मुसाफिरों की है. जबकि सिर्फ 25 लाख मुसाफिर ही काम कर रहे हैं. इसकी वजह बेतहाशा दाम बढ़ा देना है.

सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली मेट्रो के दीवालिया होने का सवाल ही नहीं उठता है. उन्होंने कहा कि मेट्रो को तो फायदा होगा. उसकी खाली पड़ी 15 लाख सीटों पर दिल्ली सरकार अपनी जेब से भुगतान करके मुसाफिर भेज रही है.

सिसोदिया ने कहा कि श्रीधरन के पास पूरी जानकारी नहीं है. उन्होंने कहा कि मेट्रो का पिंक टिकट होगा और एक्सक्लूसिव गेट होगा जिससे सिर्फ महिलाएँ ही अंदर जा सकेंगी.

इससे पहले केजरीवाल की मुफ्त यात्रा योजना को नुकसानदायक बताते हुए मेट्रो मैन के नाम से मशहूर श्रीधरन ने पत्र में लिखा है कि दिल्ली मेट्रो केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार का ज्वाइंट वेंचर है,  इसलिए कोई भी सरकार एक तरफ मेट्रो में मुफ्त सफर का निर्णय नहीं ले सकती. जबकि दिल्ली सरकार का कहना है कि इसमें मेट्रो की कोई समस्या नहीं है बल्कि दिल्ली सरकार उसे ग्राहक और पैसे दे रही है.

10 जून को लिखा पत्र

दिल्ली मेट्रो के पूर्व प्रमुख ई. श्रीधरन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को यह पत्र दस जून को लिखा था. पत्र में उन्होंने प्रधानमंत्री से अपील करते हुए कहा है कि जब दिल्ली में मेट्रो शुरू की गई थी तो यह निर्णय लिया गया था कि मेट्रो के किराये में किसी को छूट नहीं दी जाएगी. यहां तक कि जब 23 दिसंबर 2002 में शाहदरा से कश्मीरी गेट तक जब पहली बार मेट्रो चली थी तो खुद मौजूदा प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने टिकट लेकर मेट्रो में सफर किया था.

इसलिए फ्री यात्रा का विरोध कर रहे हैं श्रीधरन

प्रधानमंत्री मोदी को लिखे पत्र में श्रीधरन ने बताया कि मेट्रो के सभी स्टाप यहां तक कि मैनेजिंग डायरेक्टर भी जब यात्रा करते हैं को वे टिकट खरीदते हैं. दिल्ली में इस योजना को लागू करने से एक हजार करोड़ रूपये का सालाना खर्चा आएगा और जैसे-जैसे मेट्रो का विस्तार होगा वैसे-वैसे यह बढ़ता ही जाएगा. श्रीधरन ने कहा कि अगर महिलाओं को मुफ्त में सफर करने की योजना को लागू किया गया तो समाज के अन्य वर्ग के लोग भी फ्री में सफर करने की मांग कर सकते हैं. जैसे कि दिव्यांग और सीनियर सिटिजन भी अपने लिए रियायत की मांग कर सकते हैं. ई. श्रीधरन ने कहा कि अगर दिल्ली सरकार महिलाओं की मदद करना चाहती है तो उनका सुझाव है कि इनके खाते में सीधे सब्सिडी दिया जा सकता है.

डीटीसी बस और मेट्रो में मुफ्त यात्रा का केजरीवाल ने किया था ऐलान

बता दें कि बिजली हाफ और पानी माफ योजना को सफलतापूर्वक संचालित करने के बाद अब दिल्ली सरकार महिलाओं को मेट्रो और सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा कराने जा रही है. इस बाबत पिछले दिनों दिल्ली के सीएम केजरीवाल ने बाकायदा पत्रकार वार्ता करके एलान भी किया था. ऐसे में आने वाले समय में दिल्ली में मेट्रो व बसों में यात्रा करने के लिए महिलाओं को टिकट नहीं लेना पड़ेगा. कोई तकनीकी अड़चन नहीं आई तो छह महीने में योजना लागू हो जाएगी. एक अनुमान के मुताबिक, योजना को लागू करने पर सरकार पर प्रति वर्ष करीब 1200 करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा.