नीतियों से नाराज़ शख्स ने बीजेपी प्रवक्ता पर जूता फेंका, जानिए कौन है ये डॉक्टर शक्ति भार्गव

शुरुआती खबरों के मुताबिक ये शख्स कानपुर का रहने वाला है. जूता फेंकने वाले शख्स के पास से एक विजिटिंग कार्ड भी मिला है. ये शख्स पत्रकारों के बैठने वाली जगह पर पहली पंक्ति पर बैठा था. इसका नाम शक्ति भार्गव बताया जा रहा है.  जिस समय जीवीएल पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे, तभी अचानक इस शख्स ने जीवीएल की ओर जूता फेंक दिया. शख्स ने पहले एक जूता फेंका लेकिन वो जीवीएल को बिना छुए निकल गया. दूसरा जूता उनके मुंह से टकराया.

अभी ये साफ नहीं हो सका है कि जूता फेंकने वाले ने किस वजह से जूता फेंका है. इस शख्स के पास से एक विजिटिंग कार्ड मिला है, जिसके मुताबिक इसका नाम डॉ. शक्ति भार्गव है. कानपुर के सिविल लाइंस में उसका नामी नर्सिंग होम है. डॉक्टर भार्गव को बीजेपी मुख्यालय में कार्यकर्ताओं ने पीटा जिसकी तस्वीरें टीवी चैनल्स पर दिखाई गईं.

बताया जा रहा कि जिस समय जीवीएल साध्वी प्रज्ञा ठाकुर का जिक्र कर रहे थे, तभी ये उठा और जीवीएल की ओर जूता फेंक दिया. फौरन वहां मौजूद लोगों ने उसे दबोच लिया और बाहर ले गए. बाद में इस शख्स को पास के आईपी एक्सटेंशन पुलिस स्टेशन ले जाया गया. वहां उससे पूछताछ की जा रही है.

डॉ. शक्ति भार्गव ने अपने फेसबुक अकाउंट में खुद को व्हसिल ब्लोअर बताया है. भार्गव ने अपने फेसबुक पोस्ट ने मोदी सरकार के भ्रष्टाचार पर गुस्सा जताया था. भार्गव ने लिखा कि 2014 में न खाऊंगा न खाने दूंगा और 2019 में चुप्पी. कानपुर में बंद मिलों के लिए भी शक्ति भार्गव ने आवाज उठाई थी. फेसबुक में शक्ति भार्गव ने लिखा है कि पीएसयू कर्मचारियों की खुदकुशी के लिए सरकार जिम्मेदार है.

हालांकि जीवीएल नरसिम्हा राव ने ABP न्यूज़ से कहा कि बाल-बाल बचे. जूता नहीं लगा था, जिसने जूता फेंका इसकी जानकारी ली जा रही है.

इसके बाद अफरातफरी मच गई. प्रेस कांफ्रेंस के मौके पर मौजूद संवाददाताओं ने जूता फेंकने की वजह पूछी तो उसने कोई जवाब नहीं दिया और अपनी जेब से विजिटिंग कार्ड उछाला. जिसपर शक्ति भार्गव का जिक्र है.