विपक्ष की जलेबियां खाकर वापस लौटे शत्रुघ्न सिन्हा, वोट तो मोदी को ही देंगे

विपक्ष के साथ दोस्ताना निभाने , उनके साथ पार्टियां उड़ाने और पीएम मोदी पर हमलों की सेंचुरी पूरी करने के बाद पूर्व केंद्रीय मंत्री और पटना साहिब से बीजेपी सांसद शत्रुघ्न सिन्हा फिर से भगवा टैंट में लौट आए हैं. सिन्हा ने आज कहा कि वो अविश्वास प्रस्ताव के खिलाफ संकट की घड़ी में पार्टी के साथ खड़े हैं. सिन्हा ने कहा – “जब तक बीजेपी में हूं, बीजेपी के लिए जान भी दे देंगे. उन्होंने कहा कि मैं हमेशा मुसीबत की घड़ी में पार्टी के साथ रहूंगा, अविश्वास प्रस्ताव के खिलाफ वोट करूंगा.

 

बता दें कि कुछ दिनों पहले ही मोदी सरकार ने शत्रुघ्न सिन्हा की सुरक्षा बढ़ाकर वाई कैटगरी की कर दी थी. तब से सिन्हा ने मोदी सरकार के खिलाफ कोई बयान नहीं दिया है.

 

इस मुसीबत में पार्टी के साथ कदम से कदम मिलाकर चलूंगा.” मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि पार्टी ने मुझे छोड़ा नहीं, मैंने पार्टी छोड़ी नहीं, इसलिए पार्टी के सभी व्हिप को मानेंगे और उस पर अमल करेंगे.

 

इससे पहले राजद और कांग्रेस से उनकी नजदीकियां बढ़ने की खबरें आई थीं. आप नेताओं के साथ भी उनकी नजदीकियां हाल के दिनों में बढ़ी थी. तब उन्होंने अरविंद केजरीवाल की तारीफ की थी और एलजी विवाद में उनका पक्ष लिया था. उन्होंने तो बीमार लालू प्रसाद यादव से मुलाकात भी की थी और उनके बेटे तेजस्वी यादव की तारीफ में कसीदे भी पढ़े थे. .

 

तब से कयास लगाया जा रहा था कि शत्रुघ्न सिन्हा जल्द ही बीजेपी को अलविदा कह सकते हैं लेकिन उन्होंने अविश्वास प्रस्ताव पर अपना स्टैंड जाहिर कर राजनीतिक तौर पर सबको चौंका दिया है.

 

मानसून सत्र के पहले ही दिन टीडीपी के अविश्वास प्रस्ताव को लोकसभा अध्यक्ष ने मंजूरी दे दी थी. उसके प्रस्ताव पर शुक्रवार (20 जुलाई) को लोकसभा में मोदी सरकार के खिलाप अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा और वोटिंग होगी. हालांकि, बीजेपी सदन में विश्वास मत परीक्षण जीत लेने का दावा कर रही है क्योंकि उसके पास सदन में पर्याप्त संख्या बल है.

 

बीजेपी जादुई आंकड़े 268 से ज्यादा सदस्यों के समर्थन का दावा कर रही है. बीजेपी मौजूदा लोकसभा में 535 सदस्यों में से 312 के समर्थन होने का दावा कर रही है. इनमें से 274 तो अकेले बीजेपी की ही सांसद हैं जबकि बहुमत के लिए मात्र 268 वोट की ही जरूरत है.

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