शंकराचार्य का मोदी पर हमला, गो हत्या पर फेल रहने का आरोप

शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने गोहत्या के मामले पर मोदी सरकार की जमकर आलोचना की है. उन्होंने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर गोहत्या सहित राम मंदिर मुद्दे पर कई हमले किए. उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार के चार साल के कार्यकाल में गोहत्या रोकने में नाकाम रहे हैं. उन्होंने कहा कि देश हित में गो हत्या बंद होनी चाहिए. आमतौर पर देखा जाता है कि पुलिस पैसे लेकर गो हत्या करने वालों को छोड़ देती है. गो हत्या मुसलमानों के लिए नहीं हो रही है.

डॉलर के लिए हो रही है. गोमाता सिर्फ हिंदुओं की ही नहीं है ये मुसलमानों की भी गोमाता है. धार्मिक गुरु ने कहा कि लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान मोदी ने कहा था, ‘यूपीए सरकार के जमाने में भारत गो-मांस का निर्यात करता है. इससे मेरा ह्दय जल रहा है, आपका जलता है कि नहीं?’

इसपर स्वामी सरस्वती कहते हैं कि हमें उम्मीद थी कि मोदी के प्रधानमंत्री बनते ही यह कलंक मिट जाएगा, लेकिन आजतक इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई बल्कि भाजपा सरकार में गो-मांस का निर्यात बढ़ा है. हिंदी समाचापत्र दैनिक भास्कर में दिए साक्षात्कार उन्होंने यह बात कही है. उन्होंने कहा कि भाजपा ने कहा था कि वो कॉमन सिविल कोड लाएंगे लेकिन यह अभी तक नहीं लाया गया. धारा 370 अभी तक नहीं हटाई गई.

आतंकवाद में भी कोई कमी देखने को नहीं मिली. जब भाजपा की सरकार नहीं रहेगी तो लोग कहेंगे कि हिंदुओं की सरकार बनी थी तब गो-हत्या बंद क्यों नहीं कराई गई.
कर्नाटक चुनाव परिणाम पर भाजपा पर तंज कसते हुए स्वरूपानंद ने कहा कि 104 विधानसभा सीटें जीतने के बाद राज्य में नगाड़े बज रहे थे. ऐसा तो तब सही था जब बहुमत मिलता. ऐसा करने की क्या जरुरत थी.

भाजपा जो कहती है कि वो हर जगह अपना राज्य स्थापित कर लेंगे. भाजपा को सिर्फ सेवा करनी चाहिए और वो करना चाहिए जो उन्होंने कहा है. पीएम मोदी पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानसेवक, चौकीदार बनकर रहिए मगर झूठ मत बोलिए. राम मंदिर के निर्माण पर धार्मिक गुरु ने कहा कि शुरुआत से ही जनता को धोखे में रखा गया है. मामला कोर्ट में था और कोर्ट से वहां स्टे लगा हुआ है. भाजपा कोर्ट में तो कुछ कर नहीं रही है जनता से कहती है उन्हें वोट दें तो राम मंदिर का निर्माण करवा दिया जाएगा. जनता लंबे समय से मांग कर रही है कि जहां राम का जन्म हुआ वहां राम मंदिर बनवाया जाए.