बगावत की खबरों के बीच बीजेपी के बुजुर्गों को मनाने की कोशिश, जोशी अडवाणी से मिले शाह

बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं के अलग मोर्चा बनाने की खबरों के बीच अब पार्टी ने बड़े नेताओं को मनाने की कोशिशें तेज़ हो गई है. बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने सोमवार को पार्टी के वरिष्ठ नेताओं लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी से राजधानी दिल्ली में उनके आवासों पर मुलाकात की. अमित शाह का उनसे मुलाकात करना हालिया राजनीतिक घटनाक्रम के मद्देनजर महत्व रखता है.

दोनों नेताओं को आगामी लोकसभा चुनावों में पार्टी द्वारा मैदान में नहीं उतारा गया है. दोनों नेता भाजपा के घोषणापत्र जारी कार्यक्रम में भी अनुपस्थिति थे. पार्टी अध्यक्ष अमित शाह इस बार गांधीनगर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं. इस सीट से आडवाणी छह बार सांसद रहे हैं. मुरली मनोहर जोशी की जगह कानपुर से सत्यदेव पचौरी चुनाव लड़ रहे हैं.

शाह ने आडवाणी से मुलाकात ऐसे समय में की है जब बीजेपी के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी ने लाल कृष्ण आडवाणी से चाय पर बहुचर्चित मुलाकात की है. चुनावी सीजन में इस मुलाकात के अलग-अलग मतलब निकाले जा रहे हैं. खबर है कि आडवाणी और जोशी के फरमाबरदार सांसद मोदी के खिलाफ खुली जंग के पक्ष में हैं. यहां तक विचार किया जा रहा है कि अडवाणी और जोशी गांधीनगर और कानपुर से निर्दलीय के रूप में चुनाव लड़ें. यशवंत सिन्हा को झारखंड के हजारीबाग से और पटना साहब से शत्रुघ्न कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ें. मोदी को हराने के लिए नया मोर्चा बनाया जाए और ये मोर्चा असली बीजेपी की विचारधारा की वापसी के मुद्दे पर काम करे.

खबर है कि आडवाणी अगर इस फॉर्मूले के लिए तैयार होते हैं और नेतृत्व की भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं तो बीजेपी के लगभग 60 सांसद ऐसे हैं जो आसानी से उनके साथ आ जाएंगे. बड़े नेताओं में आडवाणी को पिता तुल्य मानने वाली सुषमा स्वराज और उमा भारती भी चुनाव लड़ने के लिए फिर से सामने आ सकती हैं. माना जा रहा है कि संघ की तरफ से भी इस बगावत को समर्थन मिल सकता है क्योंकि ये धारणा भी है कि सारी संस्थाओं पर कब्जा करने के बाद मोदी शाह की जोड़ी अब आसानी से मोहन भागवत को निशाना बना सकती है.

इससे पहले आडवाणी ने ब्लॉग लिखकर अप्रत्यक्ष रूप से ही बीजेपी आलाकमान को संदेश देने की कोशिश की है. आडवाणी के ब्लॉग में बेहद सख्त संदेश था उन्होंने कहा था कि ये बीजेपी वो बीजेपी नहीं है जिसकी उन्होंने स्थापना की थी. आडवाणी ने लिखा था कि विरोधियों को दुश्मन समझना और व्यक्ति को देश और पार्टी से ऊपर समझना बीजेपी की संस्कृति नहीं थी

2019 का लोकसभा चुनाव बीजेपी के दिग्गज नहीं लड़ रहे हैं. इनमें आडवाणी, जोशी के अलावा सुषमा स्वराज, उमा भारती, शांता कुमार, सुमित्रा महाजन शामिल हैं. शुक्रवार को ही लोकसभा की स्पीकर सुमित्रा महाजन ने लोकसभा चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया है.

सुमित्रा महाजन ने एक पत्र लिखकर अपनी राय जाहिर की है. इंदौर की सांसद सुमित्रा महाजन ने सवाल किया कि उनकी पार्टी ने अबतक इंदौर लोकसभा सीट से अभी तक उम्मीदवार घोषित क्यों नहीं किया है. सुमित्रा ने पूछा है कि क्या पार्टी को किसी तरह का संकोच हो रहा है, ये अनिर्णय की स्थिति क्यों है? सुमित्रा ने लिखा है कि वो चुनाव नहीं लड़ने की घोषणा कर रही हैं ताकि पार्टी बिना संकोच फैसला ले सके.