सचिन पायलट ने खुलकर बगावत का एलान किया, कल बीजेपी की ले सकते हैं सदस्यता

राजस्थान के उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने आखिर अपने पत्ते खोल दिए हैं. उन्होंने साफ किया है कि वो कल अशोक गहलोत की बुलाई विधायक दल की बैठक में जयपुर नहीं जाएंगे. ये भी खबर है कि सचिन पायलट कल दोपहर बीजेपी दफ्तर जाकर पार्टी की सदस्यता ले लें. इसके लिए गृहमंत्री अमित शाह की उपलब्धता पर उहापोह के  के कारण कार्यक्रम तय नहीं हो पा रहा है.

आज दिल्ली में कुछ विधायकों के साथ पहुंचे सचिन पायलट ने साफ किया कि राजस्थान में अशोक गहलोत की सरका अल्पमत में आ गई है. पायलट ने कांग्रेस के 30 विधायकों के साथ कुछ निर्दलियों के समर्थन की बात कही है. उन्होंने गहलोत सरकार के अल्पमत में होने का भी दावा किया है. बताया गया है कि सचिन पायलट कल सीएम गहलोत द्वारा बुलाई गई विधायक दल की बैठक में भी हिस्सा नहीं लेंगे.

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बता दें कि सचिन पायलट दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिलने पहुंचे थे. हालांकि, गांधी परिवार ने उनसे तत्काल जयपुर लौटने के लिए कहा है. कांग्रेस शीर्ष नेतृत्व ने पायलट से अशोक गहलोत के अंतर्गत ही काम करने के लिए कहा है. पार्टी हाईकमान ने फिलहाल मुख्यमंत्री पद के लिए गहलोत का ही समर्थन किया है. शाम से मा जा रहा था कि सचिन पायलट जयपुर लौटेंगे.

इस बीच कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने राजस्थान में उभर रहे सियासी तनाव को सुलझाने के लिए तीन शीर्ष नेताओं- रणदीप सुरजेवाला, अजय माकन और अविनाश पांडे को भेजने का फैसला किया है.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वे दिल्ली में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया से मिले हैं. सिंधिया ने इससे पहले पायलट को लेकर ट्वीट भी किया था. इसमें उन्होंने कहा था, “मैं अपने साथी सचिन पायलट को राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा सताए जाने और किनारे किए जाने से काफी दुखी हूं. यह दिखाता है कि प्रतिभा और क्षमता की कांग्रेस में कितनी कम जगह है.”

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 पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप ने उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट को नोटिस भेजा था. उनसे राज्य की कांग्रेस सरकार को गिराने के आरोपों पर साल पूछे जाने थे. एसओजी से पूछताछ का नोटिस मिलने के बाद पायलट अपनी ही सरकार में शक की निगाहों से देखे जाने पर नाराज बताए गए हैं. इसी सिलसिले में पायलट शनिवार को 12 कांग्रेस और 3 निर्दलीय विधायकों के साथ दिल्ली पहुंचे थे. हालांकि, एसओजी ने इसके बाद एसओजी ने इस सिलसिले में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को भी बयान दर्ज कराने के लिए नोटिस भेजा है. यह नोटिस भी 10 जुलाई को ही भेजा गया है.