रिलायंस बढ़ा सकता है जियो के टैरिफ, ये है वजह

अगर आपके पास जियो का कनेक्शन है तो पैसे बचाने के लिए लंबी अवधि का रिचार्ज कराकर फायदा उठा सकते हैं. खबर है कि रिलायंस जीयो यानी जियो यानी jio  अपनी सेवाएं महंगी कर रही है. अपने तमाम खर्चों के लिए रिलायंस जियो को इस वित्त वर्ष में भारी निवेश की जरूरत है और इसी वजह से शायद वो अपना टेरिफ बढ़ाए.

उधर जियो को फाइबर और टावर लगाने में काफी खर्च लग रहा है. इसके अलावा कई सारे प्रोजेक्ट्स पर भी कंपनी का करीब 9 हजार करोड़ का सालाना खर्च हो रहा है. ऐसे में कंपनी अपनी सेवाओं की कीमतें बढ़ाने का फैसला ले सकती है. इन्वेस्टमेंट बैंक जेपी मॉर्गन की रिपोर्ट के अनुसार जापान की सॉफ्टबैंक जियो में 14-21 हजार करोड़ निवेश कर सकती है.

अभीरिलायंस जियो फोन के लिए मंथली प्लान 49 रुपये से शुरू होता है. इसके तहत फ्री वॉयस कॉलिंग मिलती है और 50 मैसेज मिलते हैं. जियो ऐप्स की अनलिमिटेड ऐक्सेस भी मिलती है और इसकी वैलिडिटी  28 दिन की होती है. इस पैक में सिर्फ 1GB ही डेटा मिलता है पूरे महीने के लिए. लेकिन इस पैक के दाम भी दूसरे पैक के मुकाबले ज्यादा हो सकते हैं. लेकिन अभी इस खबर पर अमल करने से पहले पुष्टि का इंतज़ार भी किया जा सकता है.

इकोनॉमिक टाइम्स के अनुसार इस वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में रिलायंस जियो को करीब 21,500 करोड़ रुपये की पूंजी लगाने की जरूरत है. पूरे साल के दौरान रिलायंस जियो को करीब 70,000 करोड़ रुपये के पूंजी लगाने की जरूरत है. जियो को अपनी लॉन्ग टर्म कैपिसिटी सौदों के लिए एक साल के भीतर करीब 9,000 करोड़ रुपये खर्च करने की जरूरत है.

प्रतिस्पर्धी वोडाफोन आइडिया और भारती एयरटेल की पूंजी निवेश की योजना से मुकाबले के लिए जियो को यह भारी निवेश करना जरूरी है. जेपी मॉर्गन ने अपने क्लाइंट्स को भेजे एक नोट में कहा है कि जियो द्वारा कीमतें बढ़ाने के आसार छह या नौ महीने पहले की तुलना में अब काफी ज्यादा हैं. पिछले दो-तीन साल से जियो को लगातार अपना निवेश बढ़ाना पड़ रहा है, ऐसे में अब उसके लिए अपनी सेवाओं के दाम बढ़ाना जरूरी होगा.

गौरतलब है कि वोडाफोन आइडिया और एयरटेल दोनों देश भर में 4जी सेवाओं में तेजी लाने के लिए राइट इश्यू के द्वारा 25,000 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही हैं. हालांकि हाल तक जियो का प्रबंधन लगातार इस बात पर जोर देता रहा है कि कंपनी टैरिफ नहीं बढ़ाएगी और अपना ग्राहक आधार बढ़ाने पर ही जोर देगी.

साल 2016 में अपनी सेवाओं की शुरुआत से ही जियो ने सेवाओं की कीमतें काफी आक्रामक रखी हैं, जिसकी वजह से दूसरे टेलीकॉम ऑपरेटर काफी दिक्कत महसूस कर रहे हैं. जियो ने एक तरह से देश की टेलीकॉम सेवाओं में क्रांति ला दी है. जियो ने वाइस और डेटा सेवाएं काफी सस्ती कर दीं, जिससे अन्य ऑपरेटर को भी अपनी दरें घटाने पर मजबूर होना पड़ा. जियो की वजह से देश में वाइस सेवा और डेटा की खपत भी काफी बढ़ गई.

गौरतलब है कि वोडाफोन-आइडिया और एयरटेल जैसी कंपनियां भी पूंजी जमा करने के लिए योजनाएं बना रही हैं. ऐसे में जियो को भी अपनी प्लानिंग करनी होगी. कहा जा रहा है कि वोडाफोन-आइडिया व एयरटेल राइट इश्यू से कीरब 25-25 हजार करोड़ इकट्ठा करने में जुटी हैं.

बता दें कि अभी हाल ही में आई एक रिपोर्ट में सामने आया था कि जियो सिर्फ 600 रुपये में जियो गीगाफाइबर लॉन्च करेगा. इस कीमत पर ग्राहकों को ब्रॉडबैंड, लैंडलाइन और टीवी की सुविधा मिलेगी. इस प्लान के तहत ग्राहकों को अनलिमिटेड कॉलिंग भी मिलेगी.