रवीश कुमार को मैगसेसे पुरस्कार, एशिया का नोबल पुरस्कार है ये

पत्रकारिता जगत में अपनी अलग पहचान बना चुके एनडीटीवी के मैनेजिंग एडिटर रवीश कुमार को एक बार फिर सम्मानित किया गया है. इस बार उन्हें वर्ष 2019 के ‘रैमॉन मैगसेसे’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया. एनडीटीवी के रवीश कुमार को ये सम्मान हिंदी टीवी पत्रकारिता में उनके योगदान के लिए मिला है. ‘रैमॉन मैगसेसे’ को एशिया का नोबेल पुरस्कार भी कहा जाता है.

बता दें कि रैमॉन मैगसेसे पुरस्कार एशिया के व्यक्तियों और संस्थाओं को उनके अपने क्षेत्र में विशेष रूप से उल्लेखनीय कार्य करने के लिए प्रदान किया जाता है. यह पुरस्कार फिलीपीन्स के भूतपूर्व राष्ट्रपति रैमॉन मैगसेसे की याद में दिया जाता है

नडीटीवी के पत्रकार रवीश कुमार ने 2019 का रमन मैग्सेसे अवार्ड जीता है. एशिया का नोबेल पुरस्कार कहे जाने वाले इस प्रतिष्ठित पुरस्कार को पाने वाले 5 लोगों में रवीश कुमार एकमात्र भारतीय हैं.

रवीश कुमार के साथ म्यांमार के को सी विन, थाइलैंड की अंगहाना नीलपाइजित, फिलिपींस के रमेंड और दक्षिण कोरिया के किम जोंग की को यह अवार्ड देने की घोषणा की गई है. एक ट्वीट में रमन मैग्सेसे कमेटी ने बताया कि रवीश कुमार को यह अवार्ड पत्रकारिता में वंचितों की आवाज उठाने के लिए दिया जा रहा है.

रमन मैग्सेसे अवार्ड फाउंडेशन ने कहा कि रवीश कुमार का कार्यक्रम प्राइम टाइम जीवन के असली मुद्दों और आम जनों की समस्याओं को रिपोर्ट करता है.

क्या है रमन मैग्सेसे पुरस्कार

एशिया के व्यक्तियों एवं संस्थाओं को उनके क्षेत्र में विशेष रूप से उल्लेखनीय कार्य के लिए प्रदान किया जाता है. यह रमन मैग्सेसे पुरस्कार फाउंडेशन द्वारा फिलीपीन्स के भूतपूर्व राष्ट्रपति रमन मैग्सेसे की याद में दिया जाता है. यह पुरस्कार 6 श्रेणियों में दिया जाता है. ये श्रेणिया हैं- शासकीय सेवा, सार्वजनिक सेवा, सामुदायिक नेतृत्व, पत्रकारिता एवं साहित्य, शांति और उभरता नेतृत्व.