अपराधी और बलात्कारियों को संरक्षण देने की ऐसी बेशर्मी कभी देखी है?

एक लड़की से रेप , उसके परिवार को प्रताड़ित करने, कथित रूप से उसके पिता की हत्या कर देने और उसकी बहन को आत्मदाह के लिए मजबूर करने वाले बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह से अपना रिश्ता निभाने बीजेपी के सांसद साक्षी महाराज जेल पहुंचे. छुट्टी के दिन किसी का बाप किसी से जेल में नहीं मिल सकता लेकिन बीजेपी के दो होनहार नेता हों और बीजेपी का राज हो तो छुट्टी के दिन भी जेल में मुलाकातें हो ही जाती हैं.

जेल से आने के बाद साक्षी महाराज ने बाकायदा जेल अधिकारियों को अप्रत्यक्ष संदेश दिया. उन्होंने कहा कि वो कुलदीप को धन्यवाद देने आए थे. कुलदीप सेंगर उन्नाव ज़िले की बांगरमऊ सीट से बीजेपी के विधायक हैं और उन्नाव के बहुचर्चित रेप केस के मुख्य अभियुक्त हैं.

मुलाक़ात के बाद मीडिया से मुख़ातिब साक्षी महराज ने कहा, “हमारे यहां के बहुत ही यशस्वी और लोकप्रिय विधायक कुलदीप सेंगर जी काफ़ी दिन से यहां हैं. चुनाव के बाद उन्हें धन्यवाद देना उचित समझा तो मिलने आ गया.”

साक्षी महाराज की ये मुलाक़ात इसलिए इतनी सुर्खियां बटोर रही है क्योंकि साल भर पहले उन्नाव का वह कथित रेप कांड देश-दुनिया में काफ़ी चर्चित हुआ था जिसमें मुख्य अभियुक्त कुलदीप सेंगर बनाए गए थे.

पीड़ित नाबालिग लड़की ने आरोप लगाया था कि विधायक कुलदीप सेंगर ने अपने घर पर उस वक़्त उसके साथ बलात्कार किया था जब वो अपने एक रिश्तेदार के साथ उनके घर पर नौकरी मांगने गई थी.

इसके अलावा, लड़की के पिता का उनकी मृत्यु से पहले का एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था विधायक के भाई और कुछ अन्य लोगों ने पुलिस की मौजूदगी में उन्हें मारा-पीटा था. कुलदीप सेंगर के ख़िलाफ़ उन्नाव के माखी थाने में बलात्कार और पॉक्सो ऐक्ट के तहत केस दर्ज किया गया था.

शासन ने इस मामले की जांच सीबीआई से कराने के आदेश दिए थे और फिर सीबीआई ने ही कुलदीप सेंगर को गिरफ़्तार किया था. इस मामले में हो रही देर के चलते इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भी हस्तक्षेप किया था.

साक्षी महराज और सेंगर की मुलाक़ात को लेकर सोशल मीडिया में काफ़ी चर्चाएं हो रही हैं. हालांकि जानकारों के मुताबिक़ इस मुलाक़ात में कुछ भी ग़लत नहीं है.

राज्य के महाधिवक्ता और लोकसभा सदस्य रह चुके इलाहाबाद हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता विजय बहादुर सिंह कहते हैं, “कुलदीप सेंगर सिर्फ़ अभियुक्त हैं, दोषी नहीं. विधायक भी हैं. उनसे कोई मिलने जा रहा है तो इसमें क़ानूनी रूप से तो कुछ भी ग़लत नहीं है, राजनीतिक रूप से भी किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए.”

वहीं बीजेपी के प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी भी इसे साक्षी महराज का निजी मामले बताते हुए इस मुलाक़ात को सही ठहराते हैं.

राकेश त्रिपाठी का कहना है, “कुलदीप सेंगर अभी भी विधायक हैं और कोर्ट में उनका मामला लंबित है. ऐसे में साक्षी महराज एक सांसद के तौर पर शिष्टाचार के नाते मिलने जाते हैं, तो इसमें क्या ग़लत है.”

हालांकि साक्षी महराज और कुलदीप सेंगर की मुलाक़ात के दौरान क्या बात हुई, इस बारे में कुछ भी पता नहीं चल सका है. ख़ुद साक्षी महराज ने भी इस बारे में ज़्यादा बताने से इनकार कर दिया. उन्होंने जेल अधिकारियों को इस बात के लिए धन्यवाद दिया कि छुट्टी के दिन उन्होंने मुलाक़ात करा दी.