डायरेक्टर्स ने रजत शर्मा के प्रेसीडेंट के तौर पर सारे अधिकार छीने, ये है मामला

इंडिया टीवी’ के चेयरमैन व एडिटर-इन-चीफ रजत शर्मा की प्रेसीडेंट के तौर पर मिली सारी शक्तियां डायरेक्टर्स ने छीन ली हैं. रजत शर्मा के काम काज करने के तरीके और अंदाज़ को मुद्दा बनाते हुए इन डायरेक्टर्स ने ये फैसला लिया. मामला डीडीसीए यानी दिल्ली जिला क्रिकेट संघ ‘DDCA’ का है . जिसके प्रेसीडेंट रजत शर्मा हैं. रजत कार्यशैली के विरोध में ‘DDCA’ के 16 डायरेक्टर्स में से 10 डायरेक्टर्स ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है.

ये सभी 10 डायरेक्टर्स रजत शर्मा के खिलाफ एकजुट हो गए हैं. इसके बाद ‘DDCA’ डायरेक्टर्स ने रजत शर्मा को संस्था के प्रेजिडेंट के रूप में मिलीं सारी पॉवर्स वापस ले ली हैं. कुछ दिनों पहले यह मामला तब उछला था, जब आईपीएल के दौरान तीन-चार डायरेक्टर्स को आर्म बैंड न पहनने के कारण भोजन से वंचित कर दिया गया था.

इसके बाद रविवार को रजत शर्मा के खिलाफ डायरेक्टर्स ने एक बैठक की थी. बैठक के दौरान रजत शर्मा के खिलाफ एक प्रस्ताव पर हस्ताक्षर कराए गए थे. जिन सदस्यों ने प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किये, उनमें विनोद तिहारा, राजन मनचंदा, संजय भारद्वाज, आलोक मित्तल, अपूर्व जैन, एसएन शर्मा, सुधीर अग्रवाल और नितिन गुप्ता शामिल थे.

तिहारा और पूर्व क्रिकेटर भारद्वाज शुरुआत से ही रजत शर्मा के विरोधी रहे हैं. उन्होंने कहा था कि उन्हें रजत शर्मा के कामकाज का तरीका पसंद नहीं है. तिहारा को सचिव पद से निलंबित किया गया था और उन्होंने इसके ख़िलाफ़ अदालत का दरवाजा भी खटखटाया गया था हालांकि, निदेशक मंडल में सरकार के प्रतिनिधि गौतम गंभीर सहित आठ अन्य ने इस प्रस्ताव पर हस्ताक्षर नहीं किये थे.

बाद में बहुमत से पारित इस प्रस्ताव में लिखा गया था कि  ‘DDCA’ के दैनिक कामकाज के लिए दो जुलाई 2018 को निदेशक मंडल ने अध्यक्ष को जो शक्तियां दी थी, उन्हें वापस लिया जाता है और सभी फैसले शीर्ष परिषद करेगी.

इसके अलावा निदेशक मंडल ने चीफ ऑपरेशन ऑफिसर (COO) जीआर सक्सेना को तुरंत प्रभाव से पद से हटाने का प्रस्ताव भी पारित कर दिया है. गौरतलब है कि रजत शर्मा पिछले साल जुलाई में ‘DDCA’ के प्रेजिडेंट चुने गए थे. उन्होंने पूर्व क्रिकेटर मदन लाल को 517 वोट से हराकर ये कुर्सी हासिल की थी. समाचार 4 मीडिया से साभार