बिल्डर के खिलाफ सड़क पर उतरे लोग, हम मुमकिन हेराफेरी करने का आरोप

आपकी गाढ़ी कमाई के पैसे से आप सात साल तक ईएमआई भरते रहें और आपको फ्लैट भी न मिले. उपर से मिलें धमकियां. सरकार सुनवाई न करे, ज्यादा बवाल करने पर बिल्डर की शिकायत करो तो सरकारी अफसर उसके साथ हो जाएं. ये वैसे तो आम नज़ारा है लेकिन नोएडा के एक और प्रोजेक्ट में इसी मसले पर कल 46 डिग्री के तापमान में खरीदारों में धरना दिया. रेजिडेंट्स का आरोप हैं कि बिल्डर ने सात साल में भी प्रोजेक्ट पूरा नहीं किया है.

ज्यादा विरोध करने पर बिल्डर ने  लोगों के आधे अधूरे फ्लैट हैंडओवर कर दिए. प्रोजेक्ट को न तो ऑक्युपेंसी सर्टिफिकेट मिला है न कंप्लीशन सर्टिफिकेट.  ऐसी हालत में जान पर खेलकर लोग सोसायटी में रह रहे हैं कभी भी किसी भी बिल्डिंग से सामान गिर जाता है. एक बार एक कार का शीशा भी टूट चुका है. लोगों  जान भी खतरे में है.

वही रेजिडेंट का  आरोप हैं कि इस संबंध में जब भी हम बिल्डर से शिकायत करने जाते हैं तो बिल्डर धमकी देता हैं कि तुम्हें जहाँ भी शिकायत करनी हो करो मेरा कुछ नही बिगाड़ सकते. दबंग बिल्डर न तो रेरा के नियमों का पालन करता हैं और न ही न्यायालय के आदेश को मानता. जब चाहे लोगों का बिजली पानी बंद कर देता है. और तो और प्राधिकारण के अधिकारी भी बिल्डर का ही साथ देते हैं.

दूसरी तरफ बिल्डर के भतीजे रोहित बत्रा का कहना है कि न्यायालय में केस चलने के चलते बिजली विभाग द्वारा कनेक्शन नहीं दिया गया हैं फिर भी हम टेम्परेरी कनेक्शन लेकर लोगों को सस्ते में बिजली दे रहे हैं और इन लोगों द्वारा जो भी आरोप लगाए जा रहे हैं वह निराधार हैं रही बात पजेशान की तो रेजीडेंट्स 2017 में फ्लैटों में इंटीरियर बगैरह  कराने आये थे और तभी से जबरदस्ती यहां रहने लगे हैं. बड़ा सवाल ये हैं कि एक प्रोजेक्ट में 400 के करीब लोग जबरदस्ती रहने कैसे घुस सकते हैं वो भी अलग अलग तारीख पर. और अगर लोग जबरन कब्जा किए बैठे हैं तो बिल्डर नें इस मामले में शिकायत क्यों नहीं की.

नीचे दिखाए वीडियो क्लिपस प्रदर्शन कारियों ने भेजे हैं