सावधान आपके निजी वाहन को जब्त कर सकती है सरकार

अगर आप कहीं जा रहे हैं तो प्रशासन जहां चाहे आपको रोककर आपकी गाड़ी जब्त कर सकता है . और तो और आपके ड्राइवर को भी इस्तेमाल करने का अधिकार डीएम को है. ये अधिकार उसे जनप्रतिनिधित्व कानून से मिला है. अगर आप उसे गाड़ी देने से इनकार करते हैं तो हो सकता है कि आप पर सरकारी काम में बाधा डालने का मुकदमा दर्ज हो जाए.

इस मामले में बाकायदा इलाहाबाद हाई कोर्ट का आदेश है इस आदेश में कहा गया है कि विधानसभा और लोकसभा चुनाव के दौरान प्राइवेट वाहनों को कब्जे में लेकर चुनाव ड्यूटी में लगाने का डीएम को अधिकार है.

कोर्ट ने कहा है कि डीएम को यह अधिकार जन प्रतिनिधित्व कानून की धारा 160 के तहत मिला है. मेरठ के अरविन्द कुमार की याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने उनकी याचिका यह कहते हुए खारिज कर दी कि डीएम को चुनाव के दौरान चुनावी ड्यूटी में उनकी एसयूवी गाड़ी को लेने का अधिकार था.

यह आदेश जस्टिस वीके शुक्ला और जस्टिस संगीता चन्द्रा की खण्डपीठ ने 15 फरवरी 2017 को पारित किया. दूसरी तरफ एक अन्य याचिका में मेरठ के ही एक अन्य प्राइवेट वाहन को उसके चालक सहित कब्जे में लेने के डीएम की अधिकारिता को यह कहते हुए चुनौती दी गई है कि, उसे ऐसा करने का अधिकार नहीं है.

इस याचिका पर जस्टिस तरुण अग्रवाल और जस्टिस अभय कुमार की खण्डपीठ ने सुनवाई की. लेकिन कोर्ट ने याची सुमित सिंह के वाहन को कब्जे में लेने के डीएम के आदेश पर लगी रोक को फिलहाल समाप्त कर दिया है.

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