मोदी सरकार का नया झुनझुना, पेट्रोल करेंगे 55 रुपये लीटर

जैसे ही सिर पर मुसीबत पड़ती है सरकार नया फुंतरू छोड़ देती है. पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने पर जब कपड़े फटने लगे तो सरकार ने जनता को नया झुनझुना पकड़ा दिया. केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने अब  कहा है कि  जल्द ही डीजल 50 रुपये प्रति लीटर और पेट्रोल का विकल्प 55 रुपये प्रति लीटर के दाम पर उपलब्ध होगा।’

उन्होंने कहा कि एथनॉल मिला हुआ पेट्रोल और डीजल सरकार जल्द ही लोगों को उपलब्ध कराएगी , इसके लिए कारखाने बनाए जा रहे हैं.  उन्होंने आदिवासी बाहुल्य राज्य छत्तीसगढ़ में कहा कि इससे आदिवासी खुद पेट्रोल बनाएंगे.

इससे पहले आप खुश हों आपको बता दें कि ये झुनझुना सरकार लंबे समय से पकड़ाती आ रही है. 2016 में भी नितिन गडकरी ने एलान किया था कि  पेट्रोल में 22.5 फीसदी और डीजल में 15 फीसदी एथेनॉल का मिश्रण किया जाने वाला है .  इसके बाद सरकार शांत बैठ गई. उन्होंने कहा था कि बांस, धान के भूसे, गेहूं के भूसे और कॉटन के भूसे से एथनॉल बनेगा. इसके अलावा नगर निगम के कूड़े से भी एथनॉल बन सकता है. गडकरी ने बीजेपी वाले अंदाज़ में कहा था कि अगर नार्थ-ईस्टट में बांस से एथेनॉल बनाना शुरू कर दिया गया तो कई इंडस्ट्री  इसमें आगे आएंगी और लाखों को रोजगार भी दिया जा सकेगा।

अब एथऩॉल का जिन्न बोतल से बाहर निकालकर फिर एनडीए सरकार उस पर खेलने की कोशिश कर रही है.

एथनॉल का सपना दिखाते हुए गडकरी ने तब कहा था कि साल 7 लाख करोड़ के क्रूड इंपोर्ट में कमी की जा सकती है। गडकरी ने कहा कि ब्राजील में फ्लेक्स  फ्यूल से चलने वाली इन्वॉ यरमेंट फ्रेंडली कारें चलाई जा रही हैं। भारत भी इसी तरह से अपना रोड मैप तैयार कर रहा है। इसके लिए जरूरी है कि सरकार देश में प्रोड्यूस होने वाले पूरे एथेनॉल को खरीद सके।

लेकिन हुआ कुछ नहीं. अब फिर मीठी मीठी बातें है और इन बातों का मतलब है कि तेल का दाम 100 रुपये लीटर होने पर भी सरकार कुछ नहीं करने वाली.

1 टिप्पणी

  1. The Government was sleeping over the matter for full 4 1/2 years like Kumbhkaran. Yesterday opposition called Bharat Bandh . Every body has woken up. Because Ravana is going to die.

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