शाहीनबाग धरने के पास जनता कर्फ्यू के दिन पेट्रोल बम फेंका, दादियों ने चप्पलों से दिया जवाब

जनता कर्फ्यू के बीच राजधानी दिल्ली के शाहीन बाग इलाके प्रदर्शन स्थल के पास पेट्रोल बम से हमला होने की खबर है.

नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ तीन महीने से भी ज्यादा समय से धरना पर बैठे लोगों का आरोप है कि प्रदर्शन स्थल पर पेट्रोल बम फेंका गया है.

बताया जा रहा है कि शाहीन बाग में सुबह 8 बजे दो बाइक सवार चेहरा ढक कर आए. चाय की दुकान पर दो पेट्रोल बम मारकर फरार हो गए. पुलिस सीसीटीवी की मदद से आरोपियों को तलाश रही है. हमलावर ओखला के रास्ते आए थे. वहीं, एक बोतल से विस्फोटक सामान भी बरामद किया गया है.

उधर शाहीन बाग के धरने पर बैठे लोगों ने आज जनता कर्फ्यू की प्रधानमंत्री की अपील का आदर किया और लहां सिर्फ अपनी चप्पलें रखकर मौजूदगी दर्ज कराए. प्रतीक के तौर पर यहां पांच लोग धरने पर बैठे. इन महिलाओं की सुरक्षा के लिए भी जरूरी सुरक्षा के उपाय किए गए हैं. महिलाओं को हमजत सूट पहनने को कहा गया, हमजत सूट से बॉडी पूरी तरह ढकी हुई होती है. प्रोटेस्ट में 5 लोगों को बैठने की इजाजत है जिसमें दादी और नानी शामिल हैं.

इससे पहले दिल्ली पुलिस ने शनिवार को इंडिया इस्लामिक सेंटर में शाहीनबाग के प्रदर्शनकारियों के साथ मिलकर बैठक की थी. यहां पर दिल्ली पुलिस ने कोरोना वायरस के बढ़ते प्रसार को देखते हुए लोगों से प्रदर्शन खत्म करने की अपील की थी. इस बैठक में डीसीपी साउथ ईस्ट समेत दिल्ली पुलिस के कई सीनियर ऑफिसर भी मौजूद थे.

वहीं प्रदर्शनकारियों की तरफ से इंडिया इस्लामिक सेंटर के प्रेसिडेंट सिराजुद्दीन, सेक्रेटरी बदरुद्दीन और शाहीनबाग में प्रदर्शन करने वाले 7 प्रदर्शनकारियों ने भी इस बैठक में हिस्सा लिया.

दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से अपील की है कि पूरे देश में कोरोना वायरस फैल रहा है , इसलिए वो प्रदर्शन बंद कर दें. कम से कम जनता कर्फ्यू वाले दिन प्रदर्शन नहीं करें. इंडिया इस्लामिक सेंटर के सदस्यों ने भी पुलिस का समर्थन किया.