पंडित जसराज का अमेरिका के न्यूजर्सी में निधन, शास्त्रीय गायन के थे शीर्ष पुरुष

सिद्ध शास्त्रीय गायक पंडित जसराज का आज दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया. पद्म विभूषण से सम्मानित पंडित जसराज 90 साल के थे. उन्होंने न्यू जर्सी में अंतिम सांस ली. पंडित जसराज की बेटी दुर्गा जसराज ने निधन की पुष्टि की है. पंडित जसराज का जन्म 28 जनवरी 1930 को हुआ. उनके पिताजी पंडित मोतीराम मेवाती घराने के संगीतज्ञ थे.

दुर्गा जसराज ने कहा, ”बड़े दुख के साथ हमें यह सूचित करना पड़ रहा है कि संगीत मार्तंड पंडित जसराज ने अमेरिका के न्यू जर्सी में सुबह 5:15 बजे अंतिम सांसें लीं.”

अंतरराष्ट्रीय खगोलीय संघ (IAU) ने 11 नवंबर, 2006 को खोजे गए हीन ग्रह 2006 VP32 (संख्या -300128) को पंडित जसराज के सम्मान में ‘पंडितजसराज’ नाम दिया था,

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पंडित जसराज के निधन पर पीएम मोदी ने ट्वीट कर दुख जताया है. उन्होंने फोटो शेयर करते हुए लिखा, ”पंडित जसराज जी के निधन से भारतीय सांस्कृतिक क्षेत्र में एक खालीपन आ गया है. न केवल उनकी प्रस्तुतियां उत्कृष्ट थीं, उन्होंने कई अन्य गायकों के लिए एक असाधारण गुरु के रूप में भी अपनी पहचान बनाई. दुनिया भर में मौजूद उनके प्रशंसकों और परिवार के प्रति संवेदना. ओम् शांति”

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जसराज भारत के प्रसिद्ध शास्त्रीय गायकों में से एक थे, जसराज का संबंध मेवाती घराने से रहा, जसराज जब चार वर्ष उम्र में थे तभी उनके पिता पण्डित मोतीराम का देहांत हो गया था और उनका पालन पोषण बड़े भाई पंडित मणिराम के संरक्षण में हुआ,

प. जसराज ने संगीत दुनिया में 80 वर्ष से अधिक बिताए और कई प्रमुख पुरस्कार प्राप्त किए, शास्त्रीय और अर्ध-शास्त्रीय स्वरों के उनके प्रदर्शनों को एल्बम और फिल्म साउंडट्रैक के रूप में भी बनाया गया है, जसराज ने भारत, कनाडा और अमेरिका में संगीत सिखाया है, उनके कुछ शिष्य नामी संगीतकार भी बने हैं,

पंडित जसराज के निधन के समाचार के बाद संगीत प्रेमियों में शोक की लहर है, सोशल मीडिया पर उन्हें याद करते हुए लगातार श्रद्धांजलि दी जा रही है, अपने जीवनकाल में उन्होंने मेवाती घराने के 76 सुशिष्य तैयार किए, इनका जिक्र लेखक सुनील बुद्धिराजा की हाल ही में प्रकाशित पुस्तक रसराज-जसराज में मिलता है,