अभिनंदन की रिहाई के लिए अपनी सरकार से लड़ रहे थे ये पाकिस्तानी

आप मानें या न मानें लेकिन पाकिस्तान में बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं जो विंग कमांडर अभिनंदन की रिहाई के लिए अपनी ही सरकार के खिलाफ खड़े थे और प्रदर्शन कर रहे थे. सारे दबाव की बातें तो हो रही है लेकिन पाकिस्तान के आंतरिक दबाव को भी कम करके नहीं आंका जा सकता. जब विंग कमांडर अभिनंदन पाकिस्तान की कैद में था तो भारत में लोग उसकी जान की परवाह किए बगैर भड़काऊ बयानबाज़ी में लगे थे चैनल आग उगल रहे थे.

लेकिन पाकिस्तान में इसके उलट शांति के लिए प्रदर्शन चल रहे थे. लोग अभिनंदन की रिहाई की मांग कर रहे थे. लाहौर में वामपंथी और दूसरे नागरिक उनकी रिहाई के लिए जुलूस लेकर सड़क पर आ गए. इसमे सैकड़ों पाकिस्तानी नागरिकों ने भाग लिया. सबने एक स्वर में कहा कि किसी भी कीमत पर भारतीय विंग कमांडर अभिनंदन की रिहाई होनी चाहिए.

भारत में भले ही चैनल आग उगल रहे हों लोग पाकिस्तान के अमन पसंद प्रदर्शनकारियों को सलाम कर रहे हैं. लोगों ने लिखा है कि-मोहतरमा पाकिस्तान की स्वतंत्र पत्रकार हैं लेकिन मेरे दिल में बसती हैं. कारणों की पड़ताल की जाए तो नशीली आँखें और नूरानी चेहरे के अलावा इसके पास एक खूबसूरत दिल भी है जो हमेशा भारतीय लोगों के लिए धड़कता है.

पुलवामा आतंकी हमले के बाद शायद पहली पाकिस्तानी महिला हैं जो खुलकर इसके विरोध में सड़क पर आयी. इस हमले के विरोध में भारत ने सैन्य करावाई की दुर्भाग्य से हमारा बहादुर जवान अभिनंदन पाकिस्तान के कब्जे में आ गया. फिर इस महिला ने उसके सुरक्षित वापसी के लिए एक अभियान चलाया. नतीजा सामने है. फिलहाल कोई कुछ भी कहें मैं तो आपको ‘आई लव यू’ कहता हूँ.

पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने कहा, भारत ने पुलवामा हमले को लेकर पाकिस्तान के कार्यकारी उच्चायुक्त को एक दिन पहले डोजियर सौंपा है और हम इसकी जांच कर रहे हैं. मैं खुले दिल से इस पर विचार करुंगा और देखूंगा कि क्या इस पर बातचीत की जा सकती है. उन्होंने कहा, “काश, यह डोजियर पहले भेज दिया गया होता. शांति एवं स्थिरता हमारी पहली प्राथमिकता है.

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