पुलिस की मौजूदगी में NSUI कार्यकर्ता को चाकू घोंपा, ABVP वालों से हुई थी झड़प

ये खबर गांधी के नहीं मोदी के गुजरात से आई है. गुजरात में आरएसएस के छात्र संगठन एबीवीपी के ‘शांतिप्रिय’ कार्यकर्ताओं के साथ एनएसयूआई के लड़कों की झड़प में एक एनएसयूआई कार्यकर्ता को निखिल सवानी को चाकू घोंप दिया गया. निखिल सवानी की हालत गंभीर बताई गई है. इस समय अहमदाबाद के एक अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है. निखिल सवानी ने हाल ही में ही बीजेपी छोड़ दी थी. और आरोप लगाया था कि पार्टी खरीद फरोख्त करती है और ये नीति उन्हें पंसंद नहीं है.

एबीवीपी की तरफ से इस घटना पर अभी कोई जवाब नहीं आया है. एनएसयूआई ने एबीवीपी पर हमले का आरोप लगाया है. इससे पहल रविवार को एबीवीपी पर आरोप लगा था कि उसके 100 से अधिक गुंडे दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में घुस गए और छात्रों को ढूंढ ढूंढ कर बुरी तरह पीटा.

गुजरात की वारदात उस समय हुई जब राज्य के अहमदाबाद में स्थित एबीवीपी दफ्तर के बाहर जेएनयू हिंसा को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे. एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने जवाबी कार्यवाही की इससे लाठियां चली और चाकू भी चले. दिल्ली के जेएनयू की तर्ज पर यहां भी पुलिस मौके पर मोजूद थी लेकिन उसके जैसे हाथ बंधे थे.

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एनएसयूआई के राष्ट्रीय सचिव साइमन फारूकी ने बताया कि जेएनयू में छात्रों पर हुई हिंसा के विरोध में उनके कार्यकर्ताओं ने एबीवीपी के कार्यालय के बाहर मंगलवार सुबह एक प्रदर्शन का आयोजन किया था. फारूकी के मुताबिक इस प्रदर्शन के शुरू करते ही एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने उनसे मारपीट करना शुरू कर दिया. उनके कार्यकर्ताओं को लाठी डंडे और सरिये से पीटा गया. आरोप है कि पुलिस की मौजूदगी के बावजूद एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने उनके ऊपर घातक प्रहार किए. इसी दौरान एनएसयूआई कार्यकर्ता निखिल सवानी को किसी ने चाकू मार दिया. उनकी हालत गम्भीर बताई गई है.

फारूकी ने कहा कि जेएनयू के छात्रों पर हमला देश की शिक्षा व्यवस्था और लोकतंत्र की बुनियाद कमजोर करने वाला है. अब तक यह साफ हो हो गया है कि भाजपा देश को शांति और स्थिरता देने में बिल्कुल नाकाम साबित हुई है. ऐसे में भाजपा को सत्ता में रहने का कोई अधिकार नहीं है. उन्होंने कहा कि एनएसयूआई इस हमले के विरोध में गृहमंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग करती है क्योंकि उनके रहते देश में शांति स्थापित नहीं हो सकती.

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