नगाओं को भारत में विलय मंजू़र नहीं पर साथ रह सकते हैं, अलग झंडा और संविधान

एनएससीएन (आईएम) गुट के नेता थुंगालेंग मुइवा ने नगा समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि वो भारत के साथ रह तो सकते हैं लेकिन उसमें विलय नहीं कर सकते. भारत को वो अलग देश ही मानते हैं. नगा अपना अलग राष्ट्रीय झंडा और संविधान चाहते हैं. उन्होंने भारत सरकार से अपील की है कि वो उनके अलग देश होने को मान्यता दे.

नगालैंड का स्वतंत्रता दिवस

देश भर में जहां शनिवार को भारत का 74वां स्व्तंत्रता दिवस मनाया गया वहीं नगा समुदाय के लोगों ने शुक्रवार को नगा स्ववतंत्रता दिवस की 74वीं वर्षगांठ के रूप में मनाया. इसी अवसर पर ये बात कही गई.

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नगाओं का झंडा और संविधान अलग

मुइवा ने कहा, ‘हम भारत सरकार से यह मांग नहीं कर रहे कि वह नगा राष्ट्री य झंडा और संविधान को मान्यता दे. वह उसे मान्याता दे न दे हमारा अपना झंडा और संविधान है. ये दोनों हमारी संप्रभुता के घटक और नगा राष्ट्रीयता के प्रतीक हैं.’

भारत से नगा नेताओँ की बातचीत

उन्होंने आगे कहा, ‘मेरी अगुआई में एक दल भारत सरकार के प्रतिनिधियों से नगा समुदाय के इतिहास पर बातचीत कर रहा है हमें भारतीय नेताओं को समझाने में काफी समय लगा कि हमारा इतिहास एकदम अनोखा और अलग है. उन्हें इस बात का भी अहसास हो चुका है कि नगा न तो कभी भारत संघ का हिस्सा थे और न कभी बर्मा के.’

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नगा समुदाय हर साल 14 अगस्त को अपना स्वतंत्रता दिवस मनाता रहा है. इस बार नगा स्टूडेंट फेडरेशन ने अपनी सभी यूनिटों को कहा था कि वे 14 अगस्त को नगालैंड का झंडा फहराएं.