स्कूली बच्चे गिड़गिड़ाते रहे , डीएम हिरासत में डाल दिया, पत्रकार ने उठाई आवाज़

ये तस्वीरें नोएडा के स्कूलों के मासूम बच्चों की हैं. अलग अलग स्कूलों के ये मासूम बच्चे जिलाधिकारी के घरे के सामनें घुटनों के बल बैठकर कान पकड़कर गिड़गिड़ाकर दया की भीख मांग रहे हैं.इन स्कूली बच्चों की गुहार है कि उनके साथ पढ़ने वालो दो बच्चों को छोड़ दिया जाए. इन बच्चों को पुलिस ने पकड़ा और अदालत ने 14 दिन की हिरासत में भेज दिया. इन दोस्तों ने एक मैसेज पोस्ट किया था. इस वाट्सएप मैसेज में एक चिट्ठी थी.

डीएम की इस फेक चिट्ठी में लिखा था कि 23 और 24 दिसंबर को स्कूलों में छुट्टी है. बच्चों ने वाट्सएप पर ये मैसेज फॉर्वर्ड कर दिया. जिलाधिकारी महोदय क्रोधित हो गए. उनके मैसेज को फेक बनाकर फॉर्वर्ड किया गया था .जिले के मालिक का नकली पत्र बनाने की हिम्मत! पुलिस ने बच्चों को हिरासत में लेना शुरू कर दिया. पुलिस ने दो बच्चों को हिरासत में भी ले लिया. ये बच्चे उन दोनों बच्चों को छोड़ देने की गुहार कर रहे हैं.

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ये सब उस देश में हो रहा है जिसमें झूठे वाट्सएप मैसेज के कारण बच्चा चोरी के आरोप में सैकड़ों लोग पीट पीट कर मार दिए गए. ये उस देश में है जिसमें सोशल मीडिया सेल गांधी नेहरू और इंदिरा से लेकर हिंदू मुसलमान तक सैकड़ों झूठ बांटती है लेकिन किसी अफसर को गुस्सा नहीं आता. देश के महापुरुषों की बहन के साथ तस्वीरों को अश्लीलता बताकर शेयर किया गया. महात्मा गांधी के विदेशी महिला के साथ डांस करते हुए नकली तस्वीर शेयर की गई. मुसलमानों की आबादी बढ़ने के छूठे आंकड़े बांटे गए और तो और संसद में इस तरह के झुठ बोले गए.

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जिस देश में सरकार झूठ पर झूठ बोल रही हो उसमें ये बच्चे घुटनों के बल बैठे हैं. रहम की भीख मांग रहे हैं. हिरासत में लेने के बजाय बच्चों को चेतावनी दी जा सकती थी.

स्कूल में ही चेताया जा सकता था लेकिन मुकदमे करना छात्रों को हिरासत में लेना तो बेहद अमानवीय है. छोटे छोटे बच्चों को भी सरकार इतना सख्ती से कैसे कुचल सकती है. ये उत्तर प्रदेश है. यहां कुलदीप सेंगर को गिरफ्तार करवाने के लिए उसकी बहन को आत्मदाह की कोशिश करनी पड़ती है लेकिन छोटी छोटी गलतियों पर आम नागरिकों यहां तक कि बच्चों को भी कड़ा दंड दिया जाता है. ( फोटो बच्चों के सामाजिक प्रताड़ना से बचाने के लिए धुंधले किए गए हैं. )

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दिल्ली आजतक के डिप्टी एक्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर गिरिजेश वशिष्ठ का पोस्ट

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