पुलवामा हमले के मास्टर माइंड के खिलाफ सबूत पेश करने में एनआईए नाकाम, अदालत ने उठाया ये कदम

दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट (Patiala House Court) ने पुलवामा हमले (Pulwama Attack) की साजिश के मामले में एक आरोपी को जमानत दे दी है. अदालत ने युसूफ चोपन नाम के इस आरोपी को 25 फरवरी को जमानत दी गई है. अदालत ने युसूफ चोपन को जमानत देते हुए कहा कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (National Investigation Agency) दी गई समयावधि के भीतर चार्जशीट दायर नहीं कर सकी है.

इस खबर के सामने आने के बाद एनआईए ने जानकारी दी है जिसके मुताबिक युसुफ चोपन को कभी भी पुलवामा हमले के आरोप में कभी भी गिरफ्तार नहीं किया गया.

वह 6 अन्य लोगों के साथ एनआईए के मामलों में गिरफ्तार किए गए थे, जो जैश-ए-मोहम्मद की साजिश से संबंधित थे, जिसमें 8 आरोपियों के खिलाफ 2 चार्जशीट दायर की गई थीं. जांच के दौरान, 7 ओवर ग्राउंड वर्कर्स को गिरफ्तार किया गया. अपर्याप्त सबूतों के कारण यूसुफ चोपन के खिलाफ चार्जशीट दायर नहीं की गई थी.

ऐसे में उन्हें नई दिल्ली की एनआईए की विशेष अदालत की ओर से स्वतः जमानत दे दी गई. इसके बाद उन्हें डीएम पुलवामा के आदेश से सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम के तहत वापस कोट भलवाल जेल जम्मू भेज दिया गया. कहने की जरूरत नहीं है, एनआईए निष्पक्ष जांच की नीति का पालन करती है.

इससे पहले खबर आई थी कि दिल्ली पटियाला हाउस कोर्ट की विशेष एनआईए अदालत ने 18 फरवरी को यह आदेश दिया था कि युसूफ चोपन कानूनी रूप से जमानत का हकदार है. अदालत ने चोपन को जमानत बॉन्ड के साथ 50 हजार रुपये का निजी मुचलका भरने का भी आदेश दिया था.

सबूत के अभाव में दायर नहीं हुई चार्जशीटयुसूफ को यह जमानत उस स्थिति में मिली जब गिरफ्तार किए जाने के 180 दिन के बीत जाने के बाद भी जांच एजेंसी चार्जशीट दाखिल नहीं कर सकी. एनआईए ने स्वीकार किया कि जांच एजेंसी समय निकलने के बाद भी सबूतों के अभाव में चार्जशीट दाखिल नहीं कर सकी. यह भी जानकारी दी गई कि एजेंसी मामले में आगे की जांच कर रही है.

प्रवीण सिंह ने युसूफ चोपन को 50 हजार का निजी मुचलका भरने के साथ सशर्त जमानत की मंजूरी दी. उन्होंने यह भी कहा कि युसूफ चोपन को जांच एजेंसियों का जांच में सहयोग करना होगा और जरूरत पड़ने पर कोर्ट के समक्ष पेश होना होगा. अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि युसूफ चोपन जमानत मिलने के बाद किसी भी प्रकार के अपराध को अंजाम न दे. जिसमें वह वर्तमान मामले में आरोपी है और प्रत्यक्ष या अप्रत्क्ष रूप से मामले के तथ्यों से परिचित किसी भी शख्स से कोई अभद्रता या वादा न करे, न ही सबूतों के साथ किसी प्रकार की कोई छेड़छाड़ करे.