कुछ खरीदने से पहले ये पढ़ लें, हो सकता है टैक्स का मोटा फायदा

गुड्स ऐंड सर्विसेज कर (जीएसटी) काउंसिल की 28वीं बैठक कई अहम फैसले लिए गए हैं. सेनेटरी नैपकिन को करमुक्त कर दिया गया है तो टीवी, फ्रीज, वॉसिंग मशीन सहित 88 वस्तुओं पर कर कम किया गया है. वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि इन बदलावों से 100 से अधिक आइटम्स सस्ते होंगे. बैठक में लिए गए सभी फैसले 27 जुलाई से लागू होंगे.
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चुनाव नजदीक है तो बागों में बहार लाई जा रही है . गुजरात चुनाव में हार को देखते हुए भी जी.एस.टी. में कई राहतें परोसी गई थीं . बडी़ राहत की बात करते हो तो प्रेट्रोल-डीजल को जी.एस.टी

वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने बैठक के बाद बताया कि सेनेटरी नैपकिन के अलावा राखी, हैंडीक्राफ्ट, स्टोन, मार्बल और लकड़ी की बनी मूर्तियां, फूल वाली झाड़ू, साल पत्ते पर अब कर नहीं लगेगा. दस्तकारी के छोटे वस्तुओं को कर में राहत दी गई है.

इन वस्तुओं पर 28% की जगह 18% कर
टीवी (27 इंच तक), वॉशिंग मशीन, रिफ्रिजरेटर, विडियो गेम्स लिथियम आयन बैट्रीज, वैक्यूम क्लीनर, फूड ग्राइंडर, मिक्सर, स्टोरेज वॉटर हीटर, ड्रायर, पेंट, वॉटर कूलर, मिल्क कूलर, आइसक्रीम कूलर्स, परफ्यूम, टॉइलट स्प्रे को 28 परसेंट कर स्लैब से हटाकर 18 परसेंट कर स्लैब में लाया गया है.

इन आइटम्स पर 12 परसेंट कर
वित्त मंत्री ने कहा कि हैंडबैग्स, जूलरी बॉक्स, पेटिंग के लिए लकड़ी के बॉक्स, आर्टवेयर ग्लास, हाथ से बने लैंप पर कर घटाकर 12 परसेंट करने का फैसला किया गया है. बांस से बने सामनों से भी कर 18 परसेंट से घटाकर 12 परसेंट किया गया है. निर्माण क्षेत्र के काम आने वाले तराशे हुए कोटा पत्थर, सैंड स्टोन और इसी गुणवत्ता के अन्य स्थानीय पत्थरों पर जीएसटी की दर को 18 से घटाकर 12 प्रतिशत किया गया है.

5 परसेंट कर
इथेनॉल पर भी कर को 18 परसेंट से घटाकर 5 परसेंट किया गया है. इससे चीनी उद्योग और किसानों को फायदा होगा. इसके अलावा 1000 रुपये तक के फुटवेयर पर अब 5 परसेंट कर लगेगा, पहले यह राशि 500 रुपये थी. हैंडलूम की दरी पर कर भी 12 परसेंट से घटाकर 5 परसेंट किया गया है.

व्यापारियों को भी राहत
जीएसटी काउंसिल ने छोटे कारोबारियों की सुविधा के लिए फैसला किया है कि सालाना पांच करोड़ रुपये से नीचे के कारोबार करने वाले तिमाही रिटर्न दाखिल कर सकते हैं. इस फैसले से 93 प्रतिशत इकाइयों को सुविधा होगी. तिमाही रिटर्न भी मासिक रिटर्न के जैसा ही भरना पड़ेगा. इसमें बी2सी (व्यवसायी से उपभोक्ताओं को बिक्री) और बी2बी (व्यावसायिक इकाई से व्यवसायिक इकाई को आपूर्ति). बी2सी कारोबार करने वाली छोटी इकाइयों के लिये दो साधारण रिटर्न फॉर्म ‘सहज’ और ‘सुगम’ तैयार किए गए हैं. असम, अरुणाचल प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, सिक्किम जैसे राज्यों में व्यापारियों के लिए छूट की सीमा को 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख रुपये कर दिया गया है. उन्होंने यह भी बताया कि काउंसिल ने 46 संशोधन कि हैं जिन्हें संसद में पास कराया जाएगा.

वित्त मंत्री ने कहा कि इन फैसलों से रेवेन्यू पर बहुत कम असर पड़ेगा. उन्होंने कहा कि कर दरों मं बदलाव की वजह से करीब 100 आइटम्स की कीमतों पर असर पड़ेगा. जीएसटी परिषद की अगली बैठक 4 अगस्त को होनी है.