टॉप TRP वाले चैनलों में रेटिंग गिरने से हलचल, अरबों कमाने के बाद उठाया TRP पर सवाल !

मोटी रेटिंग के कारण आजतक सिरमौर बने हुए और करोड़ों कमा चुके टीवी चैनलों को अब खुद टीआरपी का डर सताने लगा है. हालात ये हैं कि देश के जाने माने और टॉप के टीआरपी वाले चैनल ने टीआरपी पर ही सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं. लेकिन उन्हें इस पर जवाब भी तगड़ा मिला है. पहले बात उनकी अपनी चिट्ठी की. ब्रॉडकास्टर्स ने देश में टीआरपी जारी करने वाली संस्था ‘ब्रॉडकास्टर ऑडियंस रिसर्च काउंसिल’ (BARC) इंडिया को एक पत्र लिखा है.

‘न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन’ (NBA) की तरफ से लिखे गए इस लेटर में कहा गया है कि चैनल ‘टीवी9’ (TV9) की रेटिंग अचानक बढ़नी शुरू हो गई है जबकि अन्य चैनल्स की रेटिंग तेजी से गिर रही है. इन लोगों ने ‘न्यूज ब्रॉडकास्टर्स फेडरेशन’ (NBF) ने भी रेटिंग में उतार-चढ़ाव के संभावित प्रभाव पर चिंता व्यक्त की है.

‘एनबीएफ’ की ओर से जारी लेटर में कहा गया है, ‘हमारी कुछ सदस्य कंपनियां, फ्री टू एयर चैनल्स रेटिंग के लिए पूरी तरह से बार्क पर निर्भर करते हैं और इस रेटिंग के आधार पर वे विज्ञापन प्राप्त करते हैं, जो चैनल्स के रेवेन्यू का प्रमुख स्रोत है. हमारे तमाम चैनल्स ने पिछले कुछ हफ्तों में रेटिंग में गिरावट पर चिंता जताई है.’

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सोमवार को लिखे गए इस लेटर में यह भी कहा गया है, ‘21वें सप्ताह से बार्क के डेटा में एसोसिएशन के सदस्यों की रेटिंग कम हुई है, जो हमारे लिए चिंता का विषय है.

महामारी के नाम पर लोगों को धड़ा धड़ नौकरियों से निकालने वाले चैनल्स ने लिखा है कि हममें से अधिकांश इस महामारी के कारण पैदा हुए आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं और यह रेटिंग हमारे लिए काफी मायने रखती है. पिछले पांच हफ्तों में रेटिंग में काफी गिरावट देखी गई है. इससे हमारा अस्तित्व ही खतरे में पड़ सकता है.

इतना ही नहीं इन्होंने रेटिंग पर सवाल उठाते हुए कहा कि फ्री टू एयर चैनल्स की रेटिंग्स को लेकर बार्क रिपोर्टिंग की पारदर्शिता व जवाबदेही पर भी इन्हें शक सा है.’

‘एनबीएफ’ के अनुसार, ‘जब से कोरोनावायरस (कोविड-19) का प्रकोप शुरू हुआ और उसके बाद देश के तमाम हिस्सों में लॉकडाउन किया गया, एफटीए चैनल्स ने सिचुएशन को कवर करने के लिए संसाधनों पर काफी पैसे खर्च किए.( सच ये है कि मीडिया कंपनियों ने खर्च पर काफी कटौती की है और कई लोगों को लंबी लंबी सेवाएं खत्म करके बिना मुआवजा दिए सड़क पर खड़ कर दिया है)

बार्क द्वारा लॉकडाउन के पहले आठ हफ्तों में व्युअरशिप, रेटिंग में इजाफा देखा गया था और दर्शकों द्वारा चैनल देखने में बिताए जाने वाले समय में भी इजाफा देखा गया था, अब अचानक रेटिंग्स में कमी आ गई है.

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उधर नेशनल ब्रॉडकास्टर्स फेडरेशन (nbf) के पत्र तगड़ा जवाब लेकर बार्क इंडिया सामने आई, उसने लिखा ‘बार्क इंडिया की रेटिंग हितधारकों को बेहतर विज्ञापन निवेश करने में मदद करती है और हितधारकों के रेवन्यू को बिल्कुल प्रभावित नहीं करती है. बार्क ने व्युअरशिप डेटा के आधार पर इसके जवाब दिए हैं. बार्क ने कहा कि डेटा कलैक्शन में बार्क इंडिया पेड और फ्री-टू-एयर चैनल्स के बीच अंतर नहीं करता है और जो व्युअरशिप डेटा प्रकाशित किया गया है, वह इस आधार पर है कि लोग क्या देखते हैं.

हालांकि, अन्य संस्थान द्वारा लिखे गए पत्र में उल्लेख किया गया है कि न्यूज व्युअरशिप में कैसे 12वें से 25वें हफ्ते तक सभी पैरामीटर्स पर लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है. उदाहरण के लिए जहां न्यूज टाइम स्पेंड में 36% की गिरावट आई है, वहीं TV9 के आंकड़ों में 59% की भारी वृद्धि हुई है.

फिलहाल यह रिपोर्ट फाइल किए जाने तक TV9 की ओर से इस मामले में किसी भी तरह की कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है. (INPUT COURTSEY-EXCHANGE4MEDIA AND OTHERS)