हिंसक माहौल में फंसी हिंदू मां की मुस्लिम लड़कों ने की हिफाजत

ये खबर जनसत्ता से साभार है, आप से अपील है कि ऐसी सकारात्मक खबरों को जितना हो सके शेयर करें. नफरत को मारने से ही शांति होगी. उत्तर पूर्वी दिल्ली में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और एनआरसी (NRC) को लेकर भड़की हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है. तीसरे दिन भी कई इलाकों में हिंसा जारी है. ये हिंसा धीरे-धीरे साम्प्रदायिक रंग लेती जा रही है.

सोशल मीडिया में लोग लिख रहे हैं कि धर्म देखकर हमले किये जा रहे हैं. इस बीच एक मुस्लिम युवक ने मुसलमान बाहुल्य इलाके में फंसी हिंदू ब्राह्मण महिला की जान बचाकर शानदार मिसाल पेश की है. सोशल मीडिया में इस शख्स की खूब तारीफ हो रही है. इस मुस्लिम युवक का नाम मोहम्मद अनस है. मोहम्मद अनस इलाहाबाद में झूंसी के रहने वाले हैं.

मोहम्मद अनस ने मंगलवार (25 फरवरी) अपने सोशल मीडिया अकाउंट से अपील करते हुए लिखा- मेरे एक बहुत ही करीबी दोस्त का परिवार अकेला हिंदू परिवार है मुस्लिम मोहल्ले में. उनके घर पर माँ अकेली हैं. साठ वर्ष से अधिक उनकी आयु है. पिछले तीस सालों से मुस्तफाबाद में रह रहा है परिवार. अभी थोड़ी देर पहले उनके घर पर अटैक हुआ है. मेरी मुस्तफाबाद में रहने वालों से अपील है कि उन्हें बख्स दें. ऐसा न करें. उनका कोई कसूर नहीं है. यह बहुत ही गलत बात है. मुस्तफाबाद के लोग यदि मेरा पोस्ट पढ़ रहे हैं तो उनकी सुरक्षा करें. हाथ जोड़ कर विनती है मेरी. दिल्ली में रह रहे दोस्त इस पोस्ट को वॉयरल करें. जैसे भी हो उनकी हिफाज़त कीजिए.

देखते ही देखते इस युवक का ये पोस्ट वायरल होने लगा. लोग उस महिला की हिफाजत करने की अपील के साथ इस पोस्ट को आगे बढ़ाते रहे.

पोस्ट वायरल होने के कुछ घंटों के अंदर ही मुस्तफाबाद इलाके के कुछ मुसलमान युवक सामने आए और उपद्रव के बीच फंसी महिला को सही सलामत निकाल लाए. महिला को सुरक्षित निकालने में अहम भूमिका निभाई मोमिन सैफी और शान अंसारी नाम के दो युवकों ने.

महिला के सही सलामत मुस्तफाबाद से निकलने की जानकारी मोहम्मद अनस ने सोशल मीडिया के माध्यम से दी.

सोशल मीडिया यूजर्स मोहम्मद अनस के इस कदम की सराहना करते हुए लिख रहे हैं कि ऐसे लोगों के कारण ही हिंदू-मुस्लिम भाईचारे के जिंदा रहने की उम्मीद बनी रहती है.

बता दें कि नागरिकता संशोधित कानूून के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों और इस कानून के समर्थकों के बीच हिंसा भड़कने से अबतक कुल सात लोगों की मौत हो गई हैं. 7 लोगों में एक पुलिसकर्मी समेत 6 अन्य लोग शामिल हैं.

दिल्ली में कानून व्यवस्था बहाल करने के लिए मंगलवार को दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल और देश के गृहमंत्री अमित शाह के बीच बैठक हुई. इस घटना के बाद से पुलिस सक्रिय है और किसी भी अफवाह पर ऐतबार नहीं करने की हिदायत दी है.