झगड़े में पति ने महिला के प्राइवेट पार्ट तो पहुंचाई ये क्षति, कमज़ोर दिल वाले न पढ़ें

ये खबर बताती है कि जब पत्नी पति के बीच रिश्ता न हो तो अलग हो जाने में ही भलाई है. हिंसा इस स्तर तक पहुंच जाती है कि वापस लौटना आसान नहीं होता. ये वारदात मध्यप्रदेश के इन्दौर की है. यहां की एक महिला अपने पति की गतिविधियों पर शक था. वो दूसरी महिला से मिलने जुलने पर एतराज़ करती रहती थी. इसे लेकर उसने कई बार आपत्ति भी जाहिर की. इस मामले पर दोनों के बीच अक्सर झगड़ा होता था. जब झगड़ा ज्यादा हआ तो एक दिन पति ने पत्नी को शराब कुछ ज्यादा ही पिला दी . जब महिला नशे में डूब गई तो उसने वो किया जो किसी के लिए भी बर्दाश्त करना आसान नहीं है.

सुबह महिला उठी तो उसे असहनीय दर्द हो रहा था और किसी भी तरह वो पेट का दर्द एक मिनट के लिए भी बर्दाश्त करने की हालत में नहीं थी. फिर भी लोक लाज में उनसे किसी को अपने दर्द के बारे में नहीं बताया. दो साल तक वो दर्द बर्दाश्त करती रही. आखिर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था दरअसल महिला को पति ने शराब पिलाने के बाद उसके प्राइवेट पार्ट में हैंडल डाल दिया था. मोटर साइकिल का हैंडल.

डॉक्टरों के अनुसार हैंडल के इतने दिनों तक अंदर रहने से उसे गंभीर आंतरिक चोट आई थी. उसके पेट की कई नसें भी कट गई थी. सोनोग्राफी और सीटी स्कैन में पता चला कि हैंडल गर्भाशय और पेट के बीच फंसा है. हैंडल की लंबाई करीब 15 सेमी और साढ़े 3 सेमी चौड़ाई और मोटाई थी.

शर्म के कारण महिला ने इस बात को करीब दो साल तक किसी को नहीं बताया. इस दौरान इन्फेक्शन पूरे शरीर में फैल गया और उसे चलने-फिरने में मुश्किल आने लगी. दर्द जब झेला न गया तो शनिवार को फिर हिम्मत जुटाकर वह थाने पहुंची. उसकी हालत देख महिला आरक्षक का दिल पसीजा और वो उसे अस्पताल ले गई. यहां उसे भर्ती कर विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में ऑपरेशन करने का फैसला किया. महिला ने कई बार चंदन नगर थाने जाकर पति द्वारा मारपीट करने की शिकायत भी की, लेकिन पुलिस ने इसे गंभीरता से नहीं लिया.

एम वाय अस्पताल में गायनाकोलॉजिस्ट डॉ. सोमेन भट्टाचार्य की अगुआई में डॉ. आरके माथुर और विशेषज्ञ डॉ. सोनिया मोसेस के अलावा 18 डॉक्टरों कीचीन ने  डॉ. शशि शंकर शर्मा, डॉ. सचिन वर्मा, डॉ. संकल्प जोशी, डॉ. अजय सोलंकी, डॉ. शाहरुख मेमन, डॉ. कृपा शंकर तिवारी, डॉ. दीपक शुक्ला, डॉ. प्रभु दयाल, डॉ. केके अरोरा, डॉ. पारुल जैन के साथ मिलकर एक बेहद कठिन रहस्य खोला. एम वाई के अस्पताल में उसका जटिल ऑपरेशन हुआ और यह हैंडल निकाला गया.  4 घंटे तक चले ऑपरेशन को 18 डॉक्टरों ने अंजाम दिया. फिलहाल महिला की हालत अगले 72 घंटे तक मंभीर बताई जा रही है. इस दौरान वो पूरी तरह से डॉक्टरों की निगरानी में है.

72 घंटे काफी क्रिटिकल इन्होंने करीब 4 घंटे तक चले ऑपरेशन के बाद महिला के शरीर से बाइक का हैंडल निकाला. इनके अनुसार ऑपरेशन सफल रहा है, लेकिन महिला के लिए अगले 72 घंटे काफी क्रिटिकल रहने वाला है. इस हैंडल की वजह से महिला के आंतरिक अंगों को काफी नुकसान पहुंचा है.