डॉन विकास दुबे की मां खुद को बचाने के लिए बोल रही है झूठ, जांच से जुड़े लोगों का दावा

हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे की मां ने अपने बेटे को लेकर बयान इसलिए दिया है क्योंकि उसे लगता है कि ऐसा करके वो पुलिस की प्रताड़ना से बच जाएगी. आपको याद होगा कि विकास दुबे की मां ने कहा था कि उसका बेटा गलत रास्ते पर चला गया है और पुलिस उसे मार डाले. अक्सर उत्तरप्रदेश पुलिस आपराधियों को काबू करने के लिए उनके परिवार वालों को थाने ले जाती है और टार्चर करती है. पुलिस के अफसरों का मानना है कि ऐसे में पुलिस को शक है कि मां खुद को बचाने ले लिए ये बयान दे रही है.  

जाच में जुटे अफसरों का मामला है कि विकास दुबे को परिवार ही नहीं रिश्तेदार और पड़ोसियों का भी संरक्षण प्राप्त था.  पुलिस टीम पर हमला विकास दुबे के घर और उसके आसपास के 4-5 घरों से किया गया, जिससे पुलिस टीम को संभलने का मौका नहीं मिला. इन सभी घरों में विकास दुबे के रिश्तेदार रहते हैं. अभी यह पता नहीं चल सका है कि पुलिस टीम पर फायरिंग करने वाले कितने लोग थे.

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पुलिस की फोरेंसिक जांच में पता चला है कि पुलिस अधिकारियों को काफी पास से सिर, छाती, पैर में कई राउंड गोलियां मारी गई हैं. सीओ देवेंद्र मिश्र को विकास के घर के बगल में स्थित मामा प्रेम प्रकाश पांडेय के घर में दीवार से सटाकर गोली मारी गई. पुलिस ने भी एनकाउंटर में विकास के मामा प्रेम प्रकाश पांडेय और भतीजे अतुल दुबे को ढेर कर दिया है.

विकास के घर में सीसीटीवी कैमरे लगे होने से पुलिस को उम्मीद थी कि मुठभेड़ के बारे में इन सीसीटीवी कैमरों से कुछ अहम सुराग मिल सकेंगे लेकिन विकास फरार होने से पहले अहम सबूत भी अपने साथ ले गया है. दरअसल सीसीटीवी कैमरों की डीवीडीआर भी नहीं मिला है.

ये पूरा इलाका विकास दुबे और उसके ननिहाल के लोगों से भरा है और ब्राह्मण स्वाभिमान के नाम पर यहां के लोग गैंग की तरह व्यवहार करते हैं.  हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे के जिस घर पर पुलिस टीम दबिश देने गई थी, वह किसी किले से कम नहीं है. ऐसे में उसकी मां के सबसे अलग होने की बात का भरोसा नहीं किया जा सकता.

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विकास दुबे के बिकरू गांव स्थित घर की दीवारें 30 फीट से ज्यादा ऊंची हैं और कांटेदार तारों से घेराबंदी भी की गई है. विकास दुबे के घर में 50 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे लगे हैं और लग्जरी गाड़ियों से लेकर ऐशो-आराम की सभी सुविधाएं मौजूद हैं. इस घर में तीन बड़े दरवाजे तीन दिशाओं में खुलते हैं. इतना ही नहीं छत पर जाने के लिए दो सीढ़ियां बनवायी गई हैं. सभी गेट पर दो दो सीटीवी कैमरे लगे हैं.

विकास दुबे के घर की दीवारें इतनी ऊंची रखी गई हैं कि घर के भीतर कोई नहीं झांक सकता लेकिन इस घर की छत से पूरे गांव को देखा जा सकता है. गुरुवार की रात करीब एक बजे पुलिस टीम विकास के घर पहुंची थी. जहां घर से कुछ दूर ही जेसीबी मशीन लगाकर रास्ते ब्लॉक कर दिए गए थे. बताया जा रहा है कि गांव में सड़क निर्माण का काम हो रहा था और जेसीबी किराए पर ली गई थीं.