आप कल्पना भी नहीं कर सकते उस शख्स ने पत्नी को होटल ले जाकर क्या क्या किया

इससे ज्यादा अमानुषिक कुछ नहीं हो सकता. एक शख्स पत्नी को गुजारा भत्ता देने से बचने के लिए इनता गिरा कि जो सुने उसकी रूह कांप जाए. समझौता करने के नाम पर एक शख्स अपनी पत्नी को घर ले जाने की बात कहकर कोर्ट से साथ ले आया . इसके बाद वो उसे सीधे होटल ले गया और वहां पत्नी को 48 घंटे तक बंधक बनाकर पति, ससुर और चार देवरों ने कई बार सामूहिक दुष्कर्म किया.

इसके बाद आरोपितों ने उसका मानसिक संतुलन बिगाड़ने के लिए आंख, होंठ व रीढ़ की हड्डी में नशे के इंजेक्शन लगाए. घटना सात से नौ फरवरी के बीच पड़ाव स्थित होटल जस्ट क्लिक की है. दिखावे के लिए महिला को एक अस्पताल में भर्ती कराया, जहां से पुलिस की मदद से 14 फरवरी को पिता ने बेटी को मुक्त कराया. रविवार को पीड़िता ने मामला दर्ज कराया.

मध्य प्रदेश के ग्वालियर में डबरा के श्रीराम कॉलोनी निवासी 24 वर्षीय युवती की शादी 14 फरवरी 2015 को गोल पहाड़िया निवासी युवक के साथ हुई थी. शादी के कुछ दिन बाद से ही ससुराल पक्ष ने स्कॉर्पियो की डिमांड के साथ परेशान करना शुरू कर दिया. प्रताड़ना से तंग आकर युवती के परिजन 12 जनवरी 2016 को उसे अपने घर ले आए. पति, सास-ससुर, देवर व ननद पर दहेज प्रताड़ना का मामला दर्ज कराया. साथ ही गुजारा भत्ता के लिए कोर्ट में केस किया. सात फरवरी को कुटुम्ब न्यायालय में 11 लाख रुपए ससुराल पक्ष द्वारा पीड़िता को भरण-पोषण के लिए देने की बात सुनकर ससुराल पक्ष ने बहू को अच्छी तरह रखने का आश्वासन देकर राजीनामा किया. पति उसे यह विश्वास दिलाकर साथ ले गया कि अब कभी परेशान नहीं करेगा.

युवती को पति घर न ले जाते हुए पड़ाव थाना स्थित होटल ले पहुंचा. यहां कमरा नहीं मिलने पर वह अपने ही रिश्तेदार के होटल जस्ट क्लिक में ले आया. यहां कमरे में कुछ देर बाद युवती के ससुर, चार देवर भी आ गए. कमरे में सभी ने शराब पीने के बाद युवती से दुष्कर्म किया. लगातार प्रताड़ना से वह बेहोश हो गई. अस्पताल में दिए नशे के इंजेक्शन पीड़िता का आरोप है कि सात से नौ फरवरी तक पीड़िता को होटल में रखा. नौ को होश आने पर जब उसे ब्लीडिंग होने लगी तो किसी निजी अस्पताल लेकर पहुंचे. यहां उसे रखकर उसकी आंख, होंठ व रीढ़ की हड्डी में नशे के इंजेक्शन दिए.

11 फरवरी को बेटी की तबीयत खराब होने की बात ससुराल पक्ष ने उसके पिता को दी. पिता ने बात कराने के लिए कहा तो कहते रहे सुधार होते ही बात करा देंगे. 13 फरवरी को पिता वीडियो कॉलिंग कराने पर अड़ गया. जब वीडियो कॉलिंग पर बात नहीं कराई तो वह डबरा से आकर बताए पते पर पहुंचे, यहां बेटी नहीं मिली. इसके बाद 14 फरवरी को पिता ने एसपी से मुलाकात कर परेशानी बताई. वह पुलिस को लेकर अस्पताल पहुंचे तो बेटी भर्ती मिल गई.

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