भारत के खिलाफ ये है चीन का सबसे खौफनाक हथियार , एक्सपर्ट चिंतित

चीन की 59 ऐप बंद करके सरकार ने भले ही वाहवाही लूट ली हो लेकिन चीन की खुफिया सेवा के पास भारत की इतनी जानकारी लगातार पहुंच रही है जिसे रोकना लगभग असंभव बन गया है. एक्सपर्ट की चिंता है कि चीन को कैसे काबू किया जाए. जानकार कहते हैं कि बडी संख्या में सीसीटीवी कैमरे और उनके डीवीआर, देश भर के सरकारी दफ्तरों में लगे इलैक्ट्रॉनिक इक्विपमेंट और यहां तक कि जेरोक्स मशीन में भी अगर एक छोटी सी चिप लगा दी जाती है तो उससे कॉपी होने वाले हर दस्तावेज को बाहर चले जाने से कोई नहीं रोक सकता. मामला सिर्फ दस्तावेज का नहीं है भारत के कई बड़े ठिकाने भी तकनीक के कारण नियंत्रण में हो सकते हैं.

आज से 17 साल पहले हुए इराक युद्ध में अमेरिका ने इराक के बिजली घरों को अपनी तकनीक का इस्तेमाल करके बंद कर दिया था. इस कारण पूरे देश में घना अंधेरा छा गया और इराक के लिए काम करना मुश्किल हो गया. ये बताया गया कि इस काम को नासा ने अंजाम दिया था. कई अमेेरिकी एक्सपर्ट ने भी इस बात को माना था.

आईटी हमले इतने अमोघ होते हैं कि खुद नासा ने अपने हमलों को आजमाने के लिए खुद पर ही हमले किए तो 90 फीसदी मामलों में चूक गया.

एक्सपर्ट मानते हैं कि इंटरनेट आने के कारण हर इलैक्ट्रॉनिक उपकरण संचार से जुड़ गया है इसलिए दुश्मन की ज़द में है. इंटरनेट के कारण सबकुछ कोई भी चीज़ कहीं से भी चुराई जा सकती है. यहां तक कि ईवीएम को एक्सेस करके किसी देश की सरकार भी बदली जा सकती है. हाल में भारत में इस पर बड़ी बहस हो चुकी है.

भारत का जहां तक सवाल है यहां मोबाइल संचार एंटेना, कंट्रोल रूम, से लेकर आपके अपने सेलफोन तक सबकुछ कहीं और देखा जा सकता है. यहा तक कि आपके टीवी भी और आपके लैपटॉप में लगा कैमरा भी आपकी जानकारी के बिना सारा मंजर रिकॉर्ड कर सकता है.

सिर्फ इंटरनेट ही नही सेटेलाइट के ज़रिए भी हमारी सारी जानकारी बड़ी आसानी से दुश्मन हधिया सकता है. और अगर दुश्मन चीन जैसा चालाक है और उसके इलैक्ट्रॉनिक सामान हर घर में मौजूद हों तो ये खतरा और बढ जाता है.

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इस मामले पर हर तरफ चिंता चल रही है. दिल्ली के न्यूज मैगजीन डिफेंस के हेडऑफिस में शुक्रवार को एक वेबिनार का आयोजन हुआ. इसमें डेटा सुरक्षा के क्षेत्र में काम करने वाले सामाजिक कार्यकर्ता विनीत गोयनका समेत अन्य कई एक्सपर्ट भी शामिल हुए. इस दौरान गोयनका ने कहा कि चीन के 59 ऐप्स को बैन करना बहुत कम है. चीन ने भारत का काफी डेटा चुरा रखा है.  वह भारतीयों की डिजिटल एक्टिविटीज पर निगरानी करके भारत के डिजिटल क्षेत्र पर अपना कब्जा करना चाहता है.

उन्होंने आगे कहा कि चीन घरों में लगे सीसीटीवी कैमरों तक से डेटा चोरी कर रहा है. चीन में बने टूल्स में लगे सेंसर सीधे चीने से कंट्रोल किये जाते हैं. गोयनका ने कहा कि यह डेटा चीन और चीनी कंपनियों के मिलिट्री ऑपरेटर्स इस्तेमाल करते हैं.

नेस्कॉम के पूर्व अध्यक्ष आर चंद्रशेखर ने कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स डेटा का इस्तेमाल लोगों के विचारों को सामने रखने और इंसान के व्यवहार को बदलने के लिए भी किया जा रहा है. यह दुश्मन देश के लिए बहुत बड़ा हथियार है.

चीन की 59 ऐप बंद करके सरकार ने भले ही वाहवाही लूट ली हो लेकिन चीन की खुफिया सेवा के पास भारत की इतनी जानकारी लगातार पहुंच रही है जिसे रोकना लगभग असंभव बन गया है. एक्सपर्ट की चिंता है कि चीन को कैसे काबू किया जाए. जानकार कहते हैं कि बडी संख्या में सीसीटीवी कैमरे और उनके डीवीआर, देश भर के सरकारी दफ्तरों में लगे इलैक्ट्रॉनिक इक्विपमेंट और यहां तक कि जेरोक्स मशीन में भी अगर एक छोटी सी चिप लगा दी जाती है तो उससे कॉपी होने वाले हर दस्तावेज को बाहर चले जाने से कोई नहीं रोक सकता.

एक्सपर्ट मानते हैं कि इंटरनेट आने के कारण हर इलैक्ट्रॉनिक उपकरण संचार से जुड़ गया है इसलिए दुश्मन की ज़द में है. इंटरनेट के कारण सबकुछ कोई भी चीज़ कहीं से भी चुराई जा सकती है. यहां तक कि ईवीएम को एक्सेस करके किसी देश की सरकार भी बदली जा सकती है. हाल में भारत में इस पर बड़ी बहस हो चुकी है.

भारत का जहां तक सवाल है यहां मोबाइल संचार एंटेना, कंट्रोल रूम, से लेकर आपके अपने सेलफोन तक सबकुछ कहीं और देखा जा सकता है. यहा तक कि आपके टीवी भी और आपके लैपटॉप में लगा कैमरा भी आपकी जानकारी के बिना सारा मंजर रिकॉर्ड कर सकता है.

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सिर्फ इंटरनेट ही नही सेटेलाइट के ज़रिए भी हमारी सारी जानकारी बड़ी आसानी से दुश्मन हधिया सकता है. और अगर दुश्मन चीन जैसा चालाक है और उसके इलैक्ट्रॉनिक सामान हर घर में मौजूद हों तो ये खतरा और बढ जाता है.

इस मामले पर हर तरफ चिंता चल रही है. दिल्ली के न्यूज मैगजीन डिफेंस के हेडऑफिस में शुक्रवार को एक वेबिनार का आयोजन हुआ. इसमें डेटा सुरक्षा के क्षेत्र में काम करने वाले सामाजिक कार्यकर्ता विनीत गोयनका समेत अन्य कई एक्सपर्ट भी शामिल हुए. इस दौरान गोयनका ने कहा कि चीन के 59 ऐप्स को बैन करना बहुत कम है. चीन ने भारत का काफी डेटा चुरा रखा है.  वह भारतीयों की डिजिटल एक्टिविटीज पर निगरानी करके भारत के डिजिटल क्षेत्र पर अपना कब्जा करना चाहता है.

उन्होंने आगे कहा कि चीन घरों में लगे सीसीटीवी कैमरों तक से डेटा चोरी कर रहा है. चीन में बने टूल्स में लगे सेंसर सीधे चीने से कंट्रोल किये जाते हैं. गोयनका ने कहा कि यह डेटा चीन और चीनी कंपनियों के मिलिट्री ऑपरेटर्स इस्तेमाल करते हैं.

नेस्कॉम के पूर्व अध्यक्ष आर चंद्रशेखर ने कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स डेटा का इस्तेमाल लोगों के विचारों को सामने रखने और इंसान के व्यवहार को बदलने के लिए भी किया जा रहा है. यह दुश्मन देश के लिए बहुत बड़ा हथियार है.

आपको बता दें कि सीमा पर जारी तनातनी के बीच हाल ही में भारत ने टिकटॉक समेत 59 चाइनीज ऐप्स पर बैन लगा दिया है. वहीं सीमा पर सैनिकों का हौसला बढ़ाने और जमीनी हालातों की निगरानी के लिए शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लेह दौरा भी किया था.

आपको बता दें कि सीमा पर जारी तनातनी के बीच हाल ही में भारत ने टिकटॉक समेत 59 चाइनीज ऐप्स पर बैन लगा दिया है. वहीं सीमा पर सैनिकों का हौसला बढ़ाने और जमीनी हालातों की निगरानी के लिए शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लेह दौरा भी किया था.