पांचवी पास इस शख्स की है दो करोड़ रुपये महीने तनख्वाह, मौत की खबर बकवास

मसालों के किंग के रूप में चर्चित एमडीएच के मालिक महाशय धरमपाल गुलाटी के निधन की अफवाह उड़ी. सोशल मीडिया पर उनका नाम तक बदल दिय गया. उन्हें महाशय चुन्नी लाल लिखा जाने लगा. कई मीडिया रिपोर्ट्स में (KNOCKING NEWS नहीं) यह बताया गया कि शनिवार की देर रात उनका निधन हो गया. लेकिन लेकिन परिजनों ने बताया कि धरमपाल गुलाटी की मौत की खबर मात्र एक अफवाह है. परिजनों और शुभचिंतकों ने एक वीडियो जारी कर कहा कि लोगों को इस अफवाह से अवगत कराएं. धरमपाल गुलाटी पूर्ण स्वस्थ्य हैं. हम उनकी लंबी उम्र की कामना करते हैं.

बता दें कि महाशय धरमपाल गुलाटी का जन्म पाकिस्तान के सियालकोट में 1922 में हुआ था लेकिन उनके पिता महाशय चुन्नी लाल गुलाटी 1947 में देश के बंटवारे के बाद वे दिल्ली चले आए और यहीं बस गए. इसके बाद 1959 में एमडीएच मसाला फैक्टी, जिसे महाशियन दी हट्टी भी कहा जाता है, की स्थापना धरमपाल गुलाटी ने 1959 में दिल्ली के कीर्ति नगर में की थी. आज इस मसाले का नाम देश ही नहीं, पूरी दुनिया में है.

एक रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2017 में धरमपाल गुलाटी सबसे ज्यादा बिकने वाले एफएमसीजी प्रोडक्ट के सीईओ बने. सबसे खास बात यह है कि इस ऊंचाई तक पहुंचने वाले धरमपाल गुलाटी ने मात्र पांचवी कक्षा तक की ही पढ़ाई की थी. इसके बाद उन्होंने स्कूल छोड़ दिया था और अपने पिता की दुकान पर बैठने लगे थे. आपको बताते हैं उनकी खास बातें ….

  1. पक्के आर्यसमाजी – धरमपाल पक्के आर्यसमाजी हैं. हाल ही में उन्होंने दिल्ली में विश्व आर्यसमाज सम्मेलन आयोजित कराया था. इसमें दुनियाभर के कई देशों के लोगों ने शिरकत की थी.
  2. तांगा भी चलाया- मसालों का कारोबार छोटे तौर पर सियालकोट में उनके पिता ने 1919 में शुरू किया था. बंटवारे के बाद जब उनका परिवार शरणार्थी के रूप में भारत आया तो आजीविका के लिए उन्होंने बहुत दिनों तक तांगा चलाया लेकिन जब उन्हें महसूस होने लगा कि ये काम ज्यादा नहीं चलने वाला तब उन्होंने करोलबाग में एक छोटे से लकड़ी के खोखे में मसाले की दुकान शुरू की, जो चल निकली.
  3. खुद ब्रैंड एंबेसडर – धरमपाल आमतौर पर अपने विश्वप्रसिद्ध मसाला ब्रांड एमडीएच के ब्रैंड एंबेसडर खुद ही थे. लंबे समय से अपने मसालों के एड में उनकी मौजूदगी अनिवार्य होती थी. एमडीएच के हर मसाले के पैकेट पर भी उनका फोटो जरूर होता है.
  4. बाजार में कंपनी की हिस्सेदारी – उन्होंने एमडीएच की शुरुआत जरूर छोटे स्तर पर भारत में की लेकिन मौजूदा समय में इसकी देश के मसाला बाजार में 12 फीसदी हिस्सेदारी है. उनकी कंपनी 62 उत्पाद तैयार करती है, जो 150 पैकेट्स में उपलब्ध है.
  5. 24 करोड़ की सालाना सैलरी – अपनी कंपनी के सीईओ धरमपाल गुलाटी खुद ही हैं, उनकी सैलरी जानकर आप हैरान रह जाएंगे. उनका सालाना पैकेज दो साल पहले 24 करोड़ रुपए का था. कंज्यूमर प्रोडेक्ट जैसी कंपनियों में गुलाटी की सैलेरी सबसे ज्यादा है.कंपनी की 80 फीसदी हिस्सेदारी भी उन्हीं के पास है. उनका कहना है कि वो अपने वेतन का 90 फीसदी हिस्सा चैरिटी में देते हैं.
  6. कुल कारोबार – धरमपाल की कंपनी महाशियां दी हट्टी कंपनी फिलहाल 1500 करोड़ रुपये से कहीं ज्यादा का है. उनके ग्रुप के पास 15 फैक्ट्रियां, 1000 डीलर्स हैं. दुनिया के सभी बड़े देशों और शहरों में उनकी कंपनी के आफिस और कारोबार फैला हुआ है.
  7. पगड़ी वाले दादाजी- गुलाटी जी को लोग कई रूपों में जानते हैं. कुल लोग उन्हें एमडीएच के पगड़ी वाले दादाजी कहते हैं. कुछ लोगों के लिए वो महाशय जी हैं. वो लगातार अपने डीलर्स से मिलते हैं.
  8. कांट्रैक्स फार्मिंग भी कराते हैं – उन्होंने पिछले 60 सालों में दिल्ली में 20 स्कूल और कई अस्पताल भी खोले हैं. उनकी कंपनी कांंट्रैक्ट फार्मिंग भी करती है. उसके मसालों के मुख्य स्रोत कर्नाटक और राजस्थान के अलावा ईरान और अफगानिस्तान हैं.
  9. परिवार कितना बड़ा – धरमपाल जी के परिवार में एक बेटे और छह बेटियां हैं. उनका बेटा पूरे कारोबार के आपरेशंस को देखता है तो छह बेटियां रीजन आधार पर डिस्ट्रीब्यूशन देखने का काम करती हैं.
  10. कई कारोबार में हाथ आजमाया – धरमपाल जी ने केवल पांचवीं तक की पढाई की थी. वो शुरू में अपने पिता के मसाले के बिजनेस से अलग व्यापार में हाथ आजमाना और सफल होना चाहते थे. इसके लिए उन्होंने सियालकोट में रहते हुए कई तरह के बिजनेस में हाथ आजमाया लेकिन वो किसी में सफल नहीं हो पाए.

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